‘पप्पू ने आखिरकार अपने नाम पर मुहर लगा ही दी’: नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी को सुनाई खरी-खरी, लंबा पोस्ट वायरल
‘पप्पू ने आखिरकार अपने नाम पर मुहर लगा ही दी’: नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस से निकाले जाने पर राहुल गांधी को सुनाई खरी-खरी, लंबा पोस्ट वायरल
चंडीगढ़: कांग्रेस ने पंजाब की पूर्व विधायक और नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निकाल दिया है। दिसंबर 2025 में 500 करोड़ की सूटकेस वाली विवादास्पद टिप्पणी के बाद सस्पेंड की गईं नवजोत कौर ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था, लेकिन शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने औपचारिक रूप से उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने की घोषणा की। इस कार्रवाई के बाद नवजोत कौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट डालकर अपनी भड़ास निकाली और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
पोस्ट की मुख्य बातें:
नवजोत कौर ने लिखा: “पप्पू ने आखिरकार अपने नाम पर मुहर लगा ही दी। एक ऐसा नेता जो सोचता है कि वह अकेला ईमानदार और जानकार इंसान है, जिसे ज़मीनी हकीकत का बिल्कुल भी पता नहीं है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के इर्द-गिर्द के लोग उन्हें अलग-थलग रखते हैं और टिकट बेचकर लग्जरी लाइफ जीते हैं। इमरजेंसी में भी 6 महीने लग जाते हैं रिएक्ट करने में, तब तक नुकसान हो जाता है।
कहा कि पार्टी में ईमानदारी और पंजाब के लिए काम करने वाले कम हैं, ज्यादातर पॉकेट भरने में लगे हैं। उन्होंने राहुल को सलाह दी कि वे सच बोलना और सुनना सीखें, और अपने समर्थकों से पूछें कि क्या वे ईमानदार रहकर काम कर सकते हैं।
पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस, BJP, AAP और कई नेताओं को टैग किया, साथ ही “पंजाब के लिए सेल्फलेस सर्विस” पर जोर दिया।
यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नवजोत कौर ने राहुल गांधी को “पप्पू” कहकर पुराने विवाद को फिर से हवा दी है। पार्टी के अंदरूनी कलह और पंजाब कांग्रेस की कमजोरी को उजागर करने वाला यह हमला माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि:
दिसंबर 2025 में नवजोत कौर ने पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वाड़िंग पर भ्रष्टाचार और 500 करोड़ की रिश्वत के आरोप लगाए थे, जिसके बाद सस्पेंड हुईं।
फरवरी 2026 की शुरुआत में उन्होंने इस्तीफा दिया और अब एक्सपेल हो गई हैं।
पार्टी ने “अनुशासनहीनता” का हवाला दिया, खासकर “पप्पू” टिप्पणी के बाद।
यह घटना पंजाब कांग्रेस में जारी संकट को और गहरा कर रही है, जहां नवजोत सिंह सिद्धू भी पहले से असंतुष्ट हैं। विपक्ष इसे कांग्रेस की आंतरिक कमजोरी का प्रमाण बता रहा है।
