उत्तराखंड

रामनगर गर्जिया मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक… 13 फरवरी तक रहेगा प्रतिबंध, जानिए वजह

रामनगर गर्जिया मंदिर में श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक… 13 फरवरी तक रहेगा प्रतिबंध, जानिए वजह

उत्तराखंड के प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर (Garjiya Devi Temple) में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध 5 फरवरी 2026 से 13 फरवरी 2026 तक लागू रहेगा। मंदिर नैनीताल जिले के रामनगर में कोसी नदी के किनारे एक टीले पर स्थित है और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के निकट होने के कारण पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच बहुत लोकप्रिय है।

क्यों लगी रोक?

प्रशासन और मंदिर समिति के अनुसार, यह फैसला मंदिर के रखरखाव, सुरक्षा और संरक्षण कार्यों के लिए लिया गया है। पिछले कुछ महीनों में मंदिर परिसर में मरम्मत, सफाई और संरचनात्मक मजबूती के काम चल रहे हैं। विशेष रूप से:

टीले की संरचना को मजबूत करने का कार्य (रिवर साइड एरिया में इरोजन रोकने के लिए)।

कोसी नदी में बढ़ते जल स्तर और बारिश के बाद आई बाढ़/क्षरण से सुरक्षा।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से मंदिर की सीढ़ियां और परिसर को नुकसान पहुंचने का खतरा।

पिछले सालों में भी मई-जून में इसी तरह का बंद रखा गया था (2024 में 10 मई से 30 जून तक), जिसके बाद जुलाई में फिर खोला गया।

प्रशासन का आदेश

नैनीताल जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने संयुक्त रूप से नोटिफिकेशन जारी किया है।

13 फरवरी के बाद मंदिर सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शन के लिए खुल जाएगा।

कोसी नदी में स्नान या मंदिर के आसपास की गतिविधियां भी प्रतिबंधित रहेंगी।

पर्यटकों से अनुरोध है कि वे इस दौरान रामनगर से अन्य स्थानों (जैसे कॉर्बेट फॉल्स, कॉर्बेट म्यूजियम) का भ्रमण करें।

श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

कई भक्त निराश हैं, क्योंकि शारदीय कांवड़ मेला और महाशिवरात्रि के आसपास यह समय दर्शन के लिए महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, प्रशासन ने कहा कि यह अस्थायी है और मंदिर की लंबी सुरक्षा के लिए जरूरी। पिछले साल भी इसी तरह का बंद रखा गया था, जिसके बाद मंदिर और बेहतर हालत में खुला।

यात्रियों को सलाह: मंदिर जाने से पहले स्थानीय पुलिस या रामनगर पर्यटन कार्यालय से अपडेट चेक करें। सुरक्षित यात्रा करें—

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