AI का खेल: US-China से भारत तक IT शेयरों में भयंकर ग्लोबल क्रैश!
वैश्विक IT सेक्टर में आज भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका से लेकर चीन और भारत तक प्रमुख IT स्टॉक्स में 5-12% तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञ इसे “AI बबल का पहला बड़ा फटना” कह रहे हैं। नास्डैक इंडेक्स 3.8% गिरा, जबकि भारत का Nifty IT इंडेक्स 7.2% टूटकर 32,800 के नीचे आ गया।
क्यों हुआ यह क्रैश? मुख्य ट्रिगर्स
DeepSeek-R1 का लॉन्च (चीन)
चीनी स्टार्टअप DeepSeek ने आज अपना नया ओपन-सोर्स मॉडल R1 जारी किया, जो GPT-4o और Claude 3.5 Sonnet से कई बेंचमार्क पर बेहतर परफॉर्मेंस दिखा रहा है—वह भी सिर्फ $6 मिलियन की ट्रेनिंग कॉस्ट में।
मार्केट में यह धारणा बनी कि AI मॉडल बनाने की लागत तेजी से गिर रही है और अमेरिकी कंपनियां अब महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च नहीं कर पाएंगी।
OpenAI का घाटा रिपोर्ट
OpenAI ने कल ही निवेशकों को बताया कि 2025 में उनका घाटा $5 बिलियन से ज्यादा होने का अनुमान है। कंपनी ने कहा कि GPT-5 और उसके बाद के मॉडल्स की ट्रेनिंग में $10-15 बिलियन और लगेंगे। यह खबर सुनते ही निवेशक घबरा गए।
ट्रंप की AI टैरिफ धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि चीन से आने वाले AI चिप्स और सर्वर्स पर 60% तक टैरिफ लगेगा। इससे NVIDIA, AMD और TSMC जैसे स्टॉक्स में 8-15% की गिरावट आई।
भारत में सबसे ज्यादा गिरावट वाले IT शेयर
TCS → -8.4%
Infosys → -9.1%
HCL Tech → -7.8%
Wipro → -10.2%
Tech Mahindra → -11.3%
Persistent Systems → -12.7% (सबसे ज्यादा गिरावट)
विशेषज्ञों की राय
मोतीलाल ओसवाल के शैलेंद्र कुमार: “AI हाइप अब रियलिटी से टकरा रहा है। कंपनियां जो AI पर भारी खर्च कर रही थीं, अब निवेशक उनसे रिटर्न मांग रहे हैं। भारत की IT सर्विस कंपनियां सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी क्योंकि उनका ज्यादातर बिजनेस अमेरिका से आता है।”
JM Financial: “अगले 6-9 महीने IT सेक्टर के लिए मुश्किल रहेंगे। लेकिन लॉन्ग टर्म में AI सर्विसेज में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी।”
क्या करेगा AI?
आज का क्रैश यह साबित कर रहा है कि AI अब सिर्फ “हाइप” नहीं रहा—यह एक रियल इकोनॉमिक फोर्स बन चुका है, जो स्टॉक मार्केट को भी हिला सकता है। अगले कुछ हफ्तों में देखना होगा कि क्या यह एक “कोरेक्शन” है या AI बबल का असली अंत।
फिलहाल, निवेशकों की सलाह है—पैनिक सेलिंग न करें, लेकिन नए पैसे से IT में एंट्री अभी टालें।
