राजनीति

मंगलवार को विधानसभा में शपथ लेंगे बाहुबली विधायक अनंत सिंह, पटना सिविल कोर्ट ने दी अनुमति

मंगलवार को विधानसभा में शपथ लेंगे बाहुबली विधायक अनंत सिंह, पटना सिविल कोर्ट ने दी अनुमति

पटना: बिहार की राजनीति में चर्चित बाहुबली नेता और मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह मंगलवार को विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेंगे। पटना सिविल कोर्ट (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने सोमवार को उनकी याचिका पर सुनवाई कर उन्हें शपथ ग्रहण की अनुमति दे दी है। अनंत सिंह दुलारचंद यादव हत्याकांड में न्यायिक हिरासत में पटना के बेऊर जेल में बंद हैं, जहां से कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें विधानसभा लाया जाएगा। शपथ लेने के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया जाएगा।

अनंत सिंह ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट से जेडीयू के टिकट पर जीत हासिल की थी। उन्होंने 28,206 वोटों से जीत दर्ज की और विधायक चुने गए, लेकिन जेल में होने के कारण अब तक शपथ नहीं ले पाए थे। बिहार विधानसभा में अब तक 242 विधायक शपथ ले चुके हैं, लेकिन अनंत सिंह उन कुछ विधायकों में शामिल थे जो शपथ से वंचित थे। संविधान के अनुच्छेद 188 और 193 के तहत विधायक को पद संभालने से पहले शपथ लेना अनिवार्य है।

पटना सिविल कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत ने अनंत सिंह की याचिका पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने उन्हें मंगलवार को विधानसभा में शपथ समारोह में शामिल होने की इजाजत दी है। सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण सुबह 11 बजे के आसपास हो सकता है। जेल प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की है, ताकि कोई असुविधा न हो। यह पहला मौका नहीं है जब अनंत सिंह जेल से शपथ ले रहे हैं; 2020 में भी उन्होंने जेल से बाहर आकर शपथ ली थी।

अनंत सिंह को ‘छोटे सरकार’ के नाम से भी जाना जाता है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनकी गिरफ्तारी के बाद से मामला सुर्खियों में है। चुनाव जीतने के बाद भी जेल में रहने के कारण उनका शपथ ग्रहण लंबित था। कोर्ट के इस फैसले से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जेडीयू और विपक्षी दलों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं, लेकिन कानूनी रूप से अब उनका रास्ता साफ हो गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना बिहार की राजनीति में अपराध और राजनीति के मिश्रण को फिर उजागर करती है। अनंत सिंह की शपथ से विधानसभा में उनकी मौजूदगी बढ़ेगी, लेकिन जेल में रहते हुए वे सदन की अन्य प्रक्रियाओं में शामिल नहीं हो पाएंगे जब तक जमानत या रिहाई नहीं मिलती। फिलहाल, मंगलवार को उनका शपथ ग्रहण बिहार विधानसभा के लिए महत्वपूर्ण दिन होगा।

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