केंद्रीय बजट 2026 में गंभीर बीमारियों के मरीजों को बड़ी राहत
केंद्रीय बजट 2026 में गंभीर बीमारियों के मरीजों को बड़ी राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए यूनियन बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिनमें कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की महंगी दवाओं को सस्ता बनाने पर खास फोकस रहा। सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी है। इससे इन दवाओं की कीमतों में काफी कमी आएगी और मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा।
ये 17 दवाएं मुख्य रूप से एडवांस्ड कैंसर थेरेपीज जैसे ब्रेस्ट कैंसर, ल्यूकेमिया और अन्य प्रकार के कैंसर के लिए टारगेटेड और इम्यूनोथेरेपी दवाएं हैं, जिनमें Ribociclib, Abemaciclib, Venetoclax, Ibrutinib, Dabrafenib, Trametinib, Ipilimumab और Tremelimumab जैसी हाई-कॉस्ट दवाएं शामिल हैं। ये दवाएं अक्सर आयात की जाती हैं और ड्यूटी के कारण महंगी पड़ती थीं। अब ड्यूटी हटने से मासिक खर्च में हजारों रुपये की बचत हो सकती है।
इसके अलावा, सात दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) की दवाओं, दवाइयों और विशेष मेडिकल फूड पर भी पर्सनल इंपोर्ट के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। इनमें Primary Hyperoxaluria और Cystinosis जैसी बीमारियां शामिल हैं। इससे दुर्लभ रोगों से पीड़ित मरीजों को भी राहत मिलेगी।
बजट में ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश घोषित किया गया है, जो बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर दवाओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगा। इससे कैंसर, डायबिटीज और ऑटोइम्यून जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं पर आयात निर्भरता कम होगी और भविष्य में और सस्ती दवाएं उपलब्ध होंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मरीजों की पहुंच बढ़ाएगा और इलाज को किफायती बनाएगा। हालांकि, पूरी राहत दवाओं की उपलब्धता और वितरण पर निर्भर करेगी। यह घोषणा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आम आदमी को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम है।
