Saturday, March 7, 2026
Latest:
अन्तर्राष्ट्रीय

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी मिसाइल डेस्ट्रॉयर इजरायल के ईलात बंदरगाह पर पहुंचा

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी मिसाइल डेस्ट्रॉयर इजरायल के ईलात बंदरगाह पर पहुंचा

मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ तनाव चरम पर पहुंचने के बीच अमेरिकी नौसेना का एक शक्तिशाली गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Delbert D. Black (DDG-119) आज इजरायल के दक्षिणी रेड सी बंदरगाह ईलात पर डॉक हो गया है। इजरायली सेना (IDF) ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह दौरा पहले से तय था और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे नियमित सैन्य सहयोग का हिस्सा है।

USS Delbert D. Black एक Arleigh Burke-class डेस्ट्रॉयर है, जो एजिस कॉम्बैट सिस्टम से लैस है। यह जहाज टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों, एयर डिफेंस मिसाइलों और उन्नत रडार सिस्टम से सुसज्जित है, जो हवाई हमलों, बैलिस्टिक मिसाइलों और दुश्मन जहाजों से निपटने में सक्षम है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे क्षेत्र में अमेरिका का “सबसे खतरनाक” डेस्ट्रॉयर भी बताया जा रहा है।

यह जहाज हाल ही में ग्रीस के पास डॉक था, जहां इसे लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस किया गया। इसके बाद यह सूएज नहर से होकर मेडिटेरेनियन से रेड सी में प्रवेश कर ईलात पहुंचा। इजरायली मीडिया (जैसे Ynet, Times of Israel) और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों (Reuters, Anadolu, Xinhua) ने इसकी तस्वीरें और वीडियो जारी किए हैं, जिसमें जहाज बंदरगाह पर खड़ा दिख रहा है।

रणनीतिक महत्व और पृष्ठभूमि

ईलात बंदरगाह इजरायल की दक्षिणी सीमा पर गल्फ ऑफ अकाबा में स्थित है। यहां अमेरिकी युद्धपोतों का डॉक होना काफी दुर्लभ है, हालांकि रेड सी में उनकी मौजूदगी आम है।

यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ाई है। USS Abraham Lincoln एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप अरब सागर में तैनात है, और क्षेत्र में अब 6 डेस्ट्रॉयर, एक कैरियर और अन्य जहाज मौजूद हैं।

ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ बातचीत के लिए खुला है, लेकिन साथ ही सैन्य विकल्पों (जैसे न्यूक्लियर साइट्स पर हमला) पर विचार कर रहा है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

IDF का कहना है कि यह “रूटीन और प्री-प्लान्ड” है, लेकिन timing को रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है—खासकर दक्षिणी इजरायल की मिसाइल डिफेंस को मजबूत करने के लिए।

अभी तक कोई तत्काल सैन्य टकराव नहीं हुआ है, लेकिन स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अमेरिका इसे डिफेंसिव कदम बता रहा है, जबकि ईरान और उसके समर्थक इसे धमकी के तौर पर देख रहे हैं। क्षेत्रीय डिप्लोमेसी जारी है, लेकिन युद्ध की आशंका बढ़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *