राजनीति

अजित पवार पंचतत्व में विलीन: बारामती में उमड़ा शोक का सैलाब, ‘दादा अमर रहें’ के नारे गूंजे

अजित पवार पंचतत्व में विलीन: बारामती में उमड़ा शोक का सैलाब, ‘दादा अमर रहें’ के नारे गूंजे

बारामती (पुणे), 29 जनवरी 2026: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित अनंतराव पवार आज पंचतत्व में विलीन हो गए। बुधवार सुबह बारामती हवाई पट्टी के निकट हुए विमान हादसे में उनकी अकस्मात मौत के बाद आज उनके पैतृक क्षेत्र बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हर आंख नम थी, हर चेहरा उदास, और ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे हवा में गूंजते रहे।

66 वर्षीय अजित पवार का निधन महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य छोड़ गया है। वे राज्य के सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेता थे और बारामती से उनकी गहरी जुड़ाव की वजह से उन्हें ‘दादा’ के नाम से जाना जाता था। हादसे में उनके साथ विमान में सवार पांच अन्य लोग भी मारे गए थे, जिनमें दो पायलट, एक फ्लाइट अटेंडेंट और उनका पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर शामिल थे।

अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे शुरू हुई। उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लपेटकर फूलों से सजे रथ पर रखा गया था, जिस पर लिखा था – “स्वर्गीय अजितदादा पवार अमर रहें”। लगभग 6 किलोमीटर लंबी शोक यात्रा में हजारों समर्थक, कार्यकर्ता और आम जनता शामिल हुई। परिवार के सदस्यों में उनकी पत्नी, बेटे पार्थ पवार और जय पवार, साथ ही अन्य रिश्तेदार मौजूद थे। पार्थ और जय ने पिता को मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे “बहुत दुखद और सदमे वाली घटना” बताया और उनके सार्वजनिक सेवा को याद किया।

महाराष्ट्र सरकार ने उनके निधन पर तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है। सरकारी कार्यालय बंद रहे और झंडे आधे झुके हुए हैं। बारामती की सड़कें, जहां कभी अजित पवार की रैलियां होती थीं, आज शोक में डूबी नजर आईं। समर्थकों ने कहा, “दादा अब नहीं हैं, लेकिन उनकी विरासत हमेशा जिंदा रहेगी।”

यह हादसा महाराष्ट्र की राजनीति में एक अपूरणीय क्षति है। अजित पवार की अनुपस्थिति से एनसीपी और राज्य की सत्ता गठबंधन पर गहरा असर पड़ सकता है। जांच एजेंसियां हादसे के कारणों की पड़ताल कर रही हैं, जिसमें ब्लैक बॉक्स की मदद ली जा रही है।

महाराष्ट्र आज एक महान नेता को अलविदा कह रहा है। अलविदा, दादा। आपकी यादें हमेशा जिंदा रहेंगी।

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