शशि थरूर की राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात
कांग्रेस में हालिया मतभेद और नाराजगी की अटकलों के बीच सीनियर नेता शशि थरूर ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से संसद भवन में लंबी मुलाकात की। यह बैठक करीब दो घंटे चली, जिसमें पार्टी के संगठनात्मक मुद्दों, केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों और थरूर की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद शशि थरूर ने मीडिया और सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि बातचीत “बहुत अच्छी, सकारात्मक और रचनात्मक” रही। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर तीनों नेताओं की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “कांग्रेस अध्यक्ष @kharge जी और LS LoP @RahulGandhi जी से आज कई विषयों पर गर्मजोशी भरी और सार्थक चर्चा के लिए धन्यवाद। हम सब एक ही पेज पर हैं और भारत के लोगों की सेवा में आगे बढ़ रहे हैं।” थरूर ने जोर देकर कहा कि पार्टी में “सब ठीक है” और वे किसी नए पद या मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पिछले कुछ महीनों में थरूर की पार्टी की महत्वपूर्ण बैठकों से अनुपस्थिति (जैसे सोनिया गांधी के आवास पर बजट सत्र की मीटिंग और केरल चुनाव रणनीति बैठक) ने अटकलें तेज कर दी थीं। कुछ रिपोर्ट्स में उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे मुद्दों पर अलग रुख अपनाने को लेकर असंतोष की बात कही गई थी, जिससे पार्टी छोड़ने या भाजपा में शामिल होने की अफवाहें भी उड़ीं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी मौजूद थे। थरूर ने अपनी नाराजगी या चिंताओं को खुले मन से रखा और नेतृत्व ने उन्हें आश्वस्त किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात कांग्रेस की आंतरिक एकता को मजबूत करने का संकेत है, खासकर केरल विधानसभा चुनावों से पहले जहां पार्टी को मजबूत प्रदर्शन की जरूरत है। थरूर की तिरुवनंतपुरम सीट और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन थरूर के बयान से स्पष्ट है कि अब मतभेद की अफवाहें कमजोर पड़ गई हैं।
