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संसद बजट सत्र 2026 की शुरुआत: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विरासत, उपलब्धियों और विकास का दिया संदेश

संसद बजट सत्र 2026 की शुरुआत: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विरासत, उपलब्धियों और विकास का दिया संदेश

भारतीय संसद के बजट सत्र 2026-27 की औपचारिक शुरुआत आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ हुई। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में देश की सांस्कृतिक विरासत, हाल की उपलब्धियों और भविष्य के विकास लक्ष्यों पर जोर दिया, साथ ही ‘विकसित भारत’ की दिशा में प्रगति का संदेश दिया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि वर्ष 2026 के साथ भारत इस शताब्दी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने पिछले वर्ष की कई गौरवपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं को मनाया। राष्ट्रपति ने पूर्वी भारत के विकास पर विशेष जोर दिया और कहा कि सरकार इस क्षेत्र में विशेष रूप से ध्यान दे रही है, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो।

अभिभाषण में सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को गिनाया गया, जिसमें आर्थिक प्रगति, सामाजिक न्याय, बुनियादी ढांचे का विस्तार और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख शामिल थी। राष्ट्रपति ने आगामी समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने ‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहराया और कहा कि विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास की राह पर चलना आवश्यक है।

संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के आगमन पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उनका स्वागत किया। अभिभाषण के बाद सदन में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी, जिसमें सभी दल भाग लेंगे।

बजट सत्र का शेड्यूल:

28 जनवरी: राष्ट्रपति का अभिभाषण।

29 जनवरी: आर्थिक सर्वेक्षण पेश।

1 फरवरी (रविवार): वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 पेश (देश के इतिहास में पहली बार रविवार को बजट)।

सत्र दो चरणों में: पहला चरण 13 फरवरी तक, फिर अवकाश और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। कुल 30 बैठकें, 65 दिन।

सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने मनरेगा की जगह आए ‘विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन (VB-G RAM G) अधिनियम’, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार ने इन्हें बजट चर्चा से अलग रखने पर जोर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि चर्चा मुख्य रूप से बजट और धन्यवाद प्रस्ताव पर केंद्रित रहेगी।

विपक्ष (INDIA गठबंधन) ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है, जबकि सरकार फोकस बजट पर रखना चाहती है। यह सत्र आर्थिक दिशा-निर्देश और विधेयकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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