यूनिफॉर्म सिविल कोड फर्स्ट एनिवर्सरी: संतों ने सीएम धामी को दी बधाई, गिनाए UCC के फायदे – ‘समानता और सामाजिक सद्भाव की नींव’
यूनिफॉर्म सिविल कोड फर्स्ट एनिवर्सरी: संतों ने सीएम धामी को दी बधाई, गिनाए UCC के फायदे – ‘समानता और सामाजिक सद्भाव की नींव’
उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू होने की पहली वर्षगांठ (Uniform Civil Code Day) पर आज पूरे राज्य में उत्सव मनाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे “समानता, पारदर्शिता और सामाजिक सद्भाव की मजबूत नींव” बताया और प्रदेशवासियों को बधाई दी। विशेष रूप से हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों पर साधु-संतों ने सीएम धामी को शुभकामनाएं दीं और UCC के फायदों को गिनाया।
UCC की पहली वर्षगांठ पर मुख्य बातें
UCC लागू होने की तारीख: 27 जनवरी 2025 – उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां स्वतंत्र भारत में UCC लागू हुआ।
आज का उत्सव: UCC Day के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 44 में संविधान निर्माताओं ने UCC का प्रावधान रखा था, और उत्तराखंड ने देश में इसकी शुरुआत की।
UCC Amendment Ordinance 2026: आज ही लागू हुआ – इसमें विवाह, लिव-इन और अन्य मामलों में धोखाधड़ी/जबरदस्ती पर सख्त सजा के प्रावधान जोड़े गए। 5 लाख से ज्यादा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
संतों ने क्या कहा और बधाई दी?
हरिद्वार में साधु-संतों की सभा में UCC की पहली वर्षगांठ मनाई गई। संतों ने सीएम धामी को बधाई देते हुए कहा:
योग गुरु स्वामी रामदेव ने भी धामी जी को शुभकामनाएं दीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा राष्ट्रवादी सरकार को बधाई दी।
स्वामी अवधेशानंद ने UCC की पहली वर्षगांठ पर धामी जी को विशेष बधाई दी।
संतों का कहना: UCC से सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होने से भेदभाव खत्म होगा। विशेषकर मुस्लिम महिलाओं पर हो रहे अत्याचार (जैसे हलाला, बहुविवाह, ट्रिपल तलाक) रुकेंगे।
“देश में सभी नागरिकों के लिए एक विधान जरूरी है। UCC से किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होगा। महिलाओं को समान अधिकार मिलेंगे, और सामाजिक सद्भाव बढ़ेगा।”
संतों ने इसे देवभूमि उत्तराखंड की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बताया।
UCC के प्रमुख फायदे (संतों और सरकार के अनुसार)
महिला सशक्तिकरण: विवाह, तलाक, उत्तराधिकार में महिलाओं को समान अधिकार।
सामाजिक समानता: सभी धर्मों के लिए एक कानून – कोई भेदभाव नहीं।
पारदर्शिता: लिव-इन, विवाह रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी पर सख्ती।
सामाजिक सद्भाव: बहुविवाह, हलाला जैसी प्रथाएं खत्म होने से समाज में एकता बढ़ेगी।
डिजिटल सुविधा: UCC पोर्टल पर 5 लाख+ रजिस्ट्रेशन – आसान और पारदर्शी प्रक्रिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत ने UCC को “सनातन धर्म पर हमला” बताया।
विपक्ष इसे “भेदभावपूर्ण” बता रहा है, जबकि BJP इसे “समानता का प्रतीक” मान रही है।
एक साल में UCC ने उत्तराखंड में कई बदलाव लाए हैं, और संतों का समर्थन इसे और मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा: “यह सिर्फ कानून नहीं, बल्कि समानता की धारा है जो देवभूमि से पूरे देश को जीवन देगी।”
