राजनीति

‘लालू जी को नजरअंदाज कर चंद घटिया लोगों को सर्वेसर्वा बनाया…’: RJD में तेजस्वी यादव पर बहन रोहिणी आचार्य ने फिर बरसी

‘लालू जी को नजरअंदाज कर चंद घटिया लोगों को सर्वेसर्वा बनाया…’: RJD में तेजस्वी यादव पर बहन रोहिणी आचार्य ने फिर बरसी, परिवारिक विवाद नया मोड़

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर परिवारिक कलह अब और गहरा गई है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बिना नाम लिए तेजस्वी यादव और उनके करीबी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि “लालू जी को नजरअंदाज कर चंद घटिया लोगों को सर्वेसर्वा बनाया गया”। रोहिणी ने इसे पार्टी की मौजूदा बदहाली और चुनावी हार का मुख्य कारण बताया।

रोहिणी आचार्य ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट में लिखा:

“समीक्षा के नाम पर दिखावा… जिन चंद घटिया लोगों को, लालू जी को नजरअंदाज कर सर्वेसर्वा बनाया गया, उन्हीं की वजह से पार्टी की यह हालत है। पार्टी के सच्चे कार्यकर्ता और समर्थक आज सवाल पूछ रहे हैं – समीक्षा रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं हुई?”

क्या है पूरा विवाद?

तेजस्वी यादव को हाल ही में RJD का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया, जिसे लालू यादव ने घोषित किया।

रोहिणी ने इसे “कठपुतली बने शहजादा” और “गिरोह-ए-घुसपैठ” की ताजपोशी बताकर तंज कसा था।

अब उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की कमान “घुसपैठियों” और “साजिशकर्ताओं” के हाथ में है, जो लालूवाद को खोखला कर रहे हैं।

रोहिणी ने कहा कि तेजस्वी के नेतृत्व में पार्टी में “घुसपैठ” बढ़ी है, और असली लालूवादी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने “समीक्षा रिपोर्ट” सार्वजनिक करने की मांग की, जो चुनावी हार के बाद बनी थी, लेकिन अब तक छिपाई जा रही है।

पारिवारिक दरार का बैकग्राउंड

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में RJD की करारी हार (केवल 25 सीटें) के बाद रोहिणी ने परिवार से दूरी बना ली थी।

उन्होंने तेजस्वी और उनके सलाहकारों (जैसे संजय यादव) पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने उन्हें “गुमराह” किया और परिवार से “निकाल दिया”।

रोहिणी ने कहा था कि वे सिर्फ तेजस्वी को “डिसओन” (परिवार से निकाला) कर रही हैं, लालू जी और राबड़ी देवी उनका साथ देते हैं।

बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने भी रोहिणी के कुछ पोस्ट्स का समर्थन किया था।

राजनीतिक असर

RJD में यह कलह पार्टी की एकता पर सवाल उठा रही है, खासकर 2027 के चुनावों से पहले।

मीसा भारती ने तेजस्वी को शुभकामनाएं दीं, लेकिन रोहिणी और तेज प्रताप की तरफ से विरोध जारी है।

RJD के कुछ नेता चुप हैं, जबकि विपक्ष (BJP, JDU) इसे “परिवारवाद की विफलता” बता रहा है।

रोहिणी आचार्य, जो डॉक्टर हैं और 2022 में पिता लालू को किडनी दान कर चुकी हैं, अब पार्टी के “सच्चे लालूवादी” होने का दावा कर रही हैं। उनका यह बयान RJD के अंदरूनी संघर्ष को और उजागर कर रहा है – क्या यह परिवारिक विवाद रहेगा या पार्टी में बड़ा फूट बनेगा?

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