ब्रैडमैन की बैगी ग्रीन कैप 4.22 करोड़ में बिकी: भारत के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज में पहनी थी
ब्रैडमैन की बैगी ग्रीन कैप 4.22 करोड़ में बिकी: भारत के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज में पहनी, भारतीय खिलाड़ी को गिफ्ट की थी – टीम इंडिया से खास कनेक्शन
क्रिकेट इतिहास की सबसे कीमती धरोहरों में से एक सर डॉन ब्रैडमैन की ‘बैगी ग्रीन’ कैप ने नया रिकॉर्ड बनाया है। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में सोमवार को हुई नीलामी में यह कैप 4,60,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 4.22 करोड़ रुपये) में बिकी। बायर्स प्रीमियम (16.5%) जोड़ने के बाद कुल कीमत 5,35,900 AUD (लगभग 5.35 करोड़ रुपये) पहुंच गई, जो किसी भी ब्रैडमैन वाली बैगी ग्रीन कैप के लिए अब तक की सबसे ऊंची राशि है।
यह कैप ब्रैडमैन ने 1947-48 में भारत के खिलाफ खेली गई घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान पहनी थी। खास बात यह है कि यह सीरीज आजाद भारत की ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट टूर थी (1947 में आजादी के बाद)। ब्रैडमैन ने इस कैप को भारतीय ऑलराउंडर एस.डब्ल्यू. सोहोनी (Sriranga Wasudev Sohoni) को गिफ्ट कर दिया था। सोहोनी ने भारत के लिए 4 टेस्ट खेले थे और 1993 में उनका निधन हो गया।
सोहोनी के परिवार ने इस कैप को पिछले 75 सालों तक संभालकर रखा था – कभी सार्वजनिक प्रदर्शित नहीं किया गया। कैप की अच्छी हालत (कोई फीका पड़ना या कीड़े का नुकसान नहीं) और इसकी ऐतिहासिक कहानी ने कीमत को आसमान पर पहुंचा दिया। कैप के अंदर “D.G. Bradman” और “S.W. Sohoni” नाम अंकित हैं, जो इस दोस्ती और क्रिकेट के बीच के बंधन को दर्शाता है।
नीलामी Lloyds Auctions द्वारा की गई। बोली 1 डॉलर से शुरू हुई और ऑस्ट्रेलिया, भारत, ब्रिटेन से खरीदारों की गहरी दिलचस्पी रही। आखिरकार एक अनाम ऑस्ट्रेलियाई कलेक्टर ने इसे खरीदा। खरीदार ने फैसला किया है कि कैप अब ऑस्ट्रेलियाई संग्रहालय में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखी जाएगी।
पिछले रिकॉर्ड्स से तुलना:
2024 में इसी सीरीज (1947-48) की एक अन्य ब्रैडमैन कैप (फीकी और क्षतिग्रस्त) 4,79,700 AUD में बिकी थी।
ब्रैडमैन की 1928 डेब्यू कैप 2020 में 4,50,000 AUD में गई।
1948 इंग्लैंड टूर की कैप 2003 में 4,25,000 AUD में बिकी।
यह बिक्री क्रिकेट मेमोरेबिलिया के लिए एक नया अध्याय है – ब्रैडमैन की विरासत और भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के शुरुआती दिनों का प्रतीक। ब्रैडमैन को क्रिकेट का ‘द ग्रेटेस्ट’ माना जाता है, जिनका टेस्ट औसत 99.94 आज भी अविश्वसनीय है।
