फिर फिसली CM नीतीश की जुबान: ‘बुद्ध सम्यक दर्शन’ को कहा ‘वृद्ध सम्यक दर्शन’
फिर फिसली CM नीतीश की जुबान: ‘बुद्ध सम्यक दर्शन’ को कहा ‘वृद्ध सम्यक दर्शन’
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जुबान एक बार फिर फिसल गई है। वैशाली जिले में समृद्धि यात्रा (Samriddhi Yatra) के दौरान मंच से संबोधन देते हुए उन्होंने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय (Buddha Samyak Darshan Museum) का नाम दो बार गलत बोल दिया – ‘वृद्ध सम्यक दर्शन’ (Vridh Samyak Darshan) कह दिया।
घटना का विवरण:
यह मौका वैशाली में समृद्धि यात्रा का था, जहां CM नीतीश ने 128 विकास योजनाओं (कुल 15,194 करोड़ रुपये) का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
भाषण के दौरान जब उन्होंने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का जिक्र किया, तो ‘बुद्ध’ की जगह ‘वृद्ध’ (जिसका मतलब बूढ़ा होता है) बोल गए।
यह गलती दो बार हुई, जिससे मंच पर हल्की हंसी और सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई।
वैशाली बौद्ध धर्म का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां भगवान बुद्ध ने कई उपदेश दिए थे। संग्रहालय का उद्घाटन नीतीश कुमार ने ही पिछले साल (जुलाई 2025) किया था, इसलिए यह गलती और ज्यादा चर्चा में आई।
लोगों की प्रतिक्रिया:
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे नीतीश की उम्र (वह 74 वर्ष के हैं) से जोड़कर मजाक उड़ाया – “वृद्ध सम्यक दर्शन” को “बूढ़े का सही दर्शन” जैसा ट्विस्ट दिया।
कुछ ने कहा कि यह बार-बार होने वाली स्लिप ऑफ टंग है, जैसे पहले कई मौकों पर नीतीश की जुबान फिसली है (जैसे मोदी को “मुख्यमंत्री” कहना आदि)।
विपक्षी नेताओं ने इसे स्मृति लॉस या फोकस की कमी का संकेत बताया, जबकि JDU समर्थकों ने इसे छोटी सी गलती माना।
नीतीश कुमार की यह गलती बिहार की सियासत में फिर से ट्रेंड बन गई है। वैशाली जैसे पवित्र स्थान पर ऐसी चूक से बौद्ध अनुयायियों और फैंस में हल्की निराशा भी दिखी। लेकिन CM ने आगे भाषण में विकास योजनाओं पर फोकस किया और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
क्या यह सिर्फ जुबान फिसलना है या कुछ और? बिहार की राजनीति में ऐसे पल अक्सर मीम्स और बहस का सबब बन जाते हैं!
