ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित करने की संभावना: ISS मिशन में रचा इतिहास
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित करने की संभावना: ISS मिशन में रचा इतिहास
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को उनके ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन के लिए देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया जा सकता है। गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर इसकी घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है। कई मीडिया रिपोर्ट्स और स्रोतों के अनुसार, उनके नाम की सिफारिश की गई है, जो असाधारण साहस, दृढ़ता और राष्ट्र सेवा के लिए दी जाती है।
शुभांशु शुक्ला ने जुलाई 2025 में Axiom Mission 4 (Ax-4) के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पहुंचकर इतिहास रचा। वे पहले भारतीय बने जो ISS पर पहुंचे और वहां वैज्ञानिक अनुसंधान किया। यह मिशन प्राइवेट कंपनी Axiom Space और NASA के सहयोग से हुआ था, जिसमें शुभांशु मिशन पायलट के रूप में शामिल थे।
मिशन के दौरान उन्होंने 18 दिनों तक ISS पर रहकर 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग पूरे किए। इनमें शामिल थे:
माइक्रोग्रैविटी में सkeletal muscle degradation (पेशियों के क्षय) पर रिसर्च
Myogenesis (मांसपेशी निर्माण) संबंधित प्रयोग
मेथी (fenugreek) उगाने के प्रयोग
स्क्रीन टाइम और अन्य मानव स्वास्थ्य से जुड़े अध्ययन
ये प्रयोग भविष्य के लंबे अंतरिक्ष मिशनों, जैसे गगनयान और मानवयुक्त मिशनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। शुभांशु ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण साहस और मानसिक मजबूती दिखाई, जिसके लिए उन्हें यह सम्मान मिलने की उम्मीद है।
यह उपलब्धि 1984 में राकेश शर्मा के बाद भारत के अंतरिक्ष इतिहास में दूसरा बड़ा कदम है, लेकिन शुभांशु पहले ऐसे भारतीय हैं जो ISS पर पहुंचे।
अधिकारिक घोषणा गणतंत्र दिवस पर होने की संभावना है, जो भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम और वीरता की परंपरा को नई ऊंचाई देगी।
(नोट: यह जानकारी हालिया मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है; अंतिम सम्मान की पुष्टि सरकार द्वारा की जाएगी।)
