उत्तराखंड में बर्फबारी के बीच यादगार शादियां: त्रियुगीनारायण मंदिर में 7 जोड़ों ने लिए सात फेरे
उत्तराखंड में बर्फबारी के बीच यादगार शादियां: त्रियुगीनारायण मंदिर में 7 जोड़ों ने लिए सात फेरे
उत्तराखंड के पहाड़ों में जनवरी 2026 की शुरुआत में भारी बर्फबारी ने जहां एक तरफ लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं, वहीं दूसरी तरफ कई नवयुगलों के लिए ये पल जादुई और यादगार बन गए। भगवान शिव और माता पारवती के पावन विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर (रुद्रप्रयाग जिला) में बसंत पंचमी (23 जनवरी 2026) के अवसर पर 7 जोड़ों ने भारी बर्फबारी के बीच वैदिक रीति-रिवाजों से सात फेरे लिए। चारों ओर सफेद बर्फ की चादर और मंदिर की अखंड ज्योति ने इन शादियों को और भी दिव्य और रोमांटिक बना दिया।
क्या खास हुआ?
7 जोड़े: इनमें उत्तराखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से आए जोड़े शामिल थे। एक मेरठ का कपल भी वायरल हो रहा है, जहां बर्फ गिरते हुए जयमाला और फेरे हुए।
बर्फबारी का जादू: बर्फ गिरती रही, लेकिन नवदंपति और उनके परिवार वाले खुशी से झूम उठे। वीडियो में दूल्हन-दूल्हे बर्फ से ढके मंदिर परिसर में सात फेरे लेते नजर आ रहे हैं – ये दृश्य सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हैं।
स्थानीय लोगों का सहयोग: स्थानीय निवासी दिवाकर गौरोला ने बताया कि पूरे साल यहां बुकिंग आती रहती है। होटल, लॉज और रेस्टोरेंट की अच्छी व्यवस्था है, जिससे नवयुगल सहज महसूस करते हैं। अब ये जगह देश-विदेश में वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में मशहूर हो रही है।
अन्य जगहें: चमोली जिले के जंगलचट्टी गांव में भी बर्फबारी के बीच शादी की रस्में निभाई गईं। वहीं, बधानीताल (रुद्रप्रयाग) भी बर्फ से ढक गया, जहां सैलानियों ने जमकर मजा लिया।
क्यों है त्रियुगीनारायण इतना खास?
मान्यता है कि त्रेतायुग में यहीं भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। अखंड धूनी (अग्नि) आज भी जल रही है, जो विवाह की साक्षी बनी रहती है।
हर साल सैकड़ों जोड़े यहां पहुंचते हैं – 2021 में 48, 2022 में 101, और अब बुकिंग्स बढ़ रही हैं।
धार्मिक आस्था + हिमालयी सौंदर्य + पारंपरिक संस्कार = परफेक्ट वेडिंग स्पॉट!
बर्फबारी ने जहां पर्यटन को बूस्ट दिया, वहीं होटल व्यवसायियों के चेहरे भी खिले हुए हैं। ये वीडियो देखकर लगता है कि बर्फ ने इन शादियों को “आसमान से आशीर्वाद” जैसा बना दिया!
