Budget 2026: सैलरी क्लास के लिए पुराने और नए टैक्स सिस्टम में क्या बदलाव की उम्मीद? जानिए एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणियां
Budget 2026: सैलरी क्लास के लिए पुराने और नए टैक्स सिस्टम में क्या बदलाव की उम्मीद? जानिए एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणियां
यूनियन बजट 2026 (1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला) से सैलरीड क्लास (मिडिल क्लास और सैलरीड एम्प्लॉयी) को टैक्स राहत की काफी उम्मीद है, लेकिन पिछले साल के बड़े बदलावों (Budget 2025) के बाद इस बार बड़े ओवरहॉल की बजाय टारगेटेड और छोटे-छोटे सुधार की संभावना ज्यादा है। Budget 2025 में नए टैक्स रिजीम को काफी आकर्षक बनाया गया था – इनकम ₹12 लाख तक टैक्स-फ्री (स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ ₹12.75 लाख तक), और स्लैब्स को सरल बनाया गया। अब 72-80% से ज्यादा टैक्सपेयर्स नए रिजीम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
नए टैक्स रिजीम (New Tax Regime) में संभावित बदलाव (FY 2026-27 / AY 2027-28 के लिए):
वर्तमान स्लैब्स (Budget 2025 से लागू):
₹0 – ₹4 लाख: NIL
₹4 – ₹8 लाख: 5%
₹8 – ₹12 लाख: 10%
₹12 – ₹16 लाख: 15%
₹16 – ₹20 लाख: 20%
₹20 – ₹24 लाख: 25%
₹24 लाख से ऊपर: 30%
एक्सपर्ट्स और इंडस्ट्री बॉडीज की टॉप उम्मीदें:
स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाना – वर्तमान में ₹75,000। इसे ₹1 लाख तक बढ़ाने की मांग तेज है, ताकि इन्फ्लेशन और बढ़ती लिविंग कॉस्ट को ऑफसेट किया जा सके। इससे ₹12-20 लाख इनकम वाले सैलरीड लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा (टैक्स में ₹4,000-₹10,000 तक की बचत संभव)।
30% स्लैब थ्रेशोल्ड बढ़ाना – वर्तमान ₹24 लाख से इसे ₹30 लाख या ₹35 लाख तक ले जाने की मांग। इससे “ब्रैकेट क्रिप” (इन्फ्लेशन से टैक्स ब्रैकेट में जल्दी पहुंचना) कम होगा और मिडिल क्लास की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ेगी।
सेक्शन 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) को नए रिजीम में शामिल करना – वर्तमान में नए रिजीम में 80D डिडक्शन नहीं मिलता। इसे शामिल करने से फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस लेने वालों को फायदा।
हाउसिंग लोन इंटरेस्ट डिडक्शन (सेक्शन 24) – नए रिजीम में सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी पर होम लोन इंटरेस्ट डिडक्शन नहीं है। इसे शामिल करने की मांग है, ताकि होम ओनरशिप को बढ़ावा मिले।
अन्य छोटे बदलाव – HRA एग्जेम्प्शन को रिवाइज करना (मेट्रो में 50% सैलरी कैप को बढ़ाना), या LTCG एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाना।
पुराने टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) में क्या उम्मीद?
वर्तमान में स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 है। इसे भी ₹1 लाख तक बढ़ाने की मांग है।
HRA, 80C (PPF, ELSS आदि), 80D, होम लोन इंटरेस्ट जैसी डिडक्शन्स बरकरार रहेंगी।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि पुराना रिजीम अगले कुछ सालों तक रहेगा, लेकिन सरकार नए रिजीम को और आकर्षक बनाकर धीरे-धीरे इसे फेज आउट कर सकती है (क्योंकि ज्यादातर लोग नए में शिफ्ट हो चुके हैं)। बड़े बदलाव की बजाय, नए रिजीम को और स्वीटन करने पर फोकस रहेगा।
कुल मिलाकर सैलरी क्लास के लिए संभावित फायदा:
अगर स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹1 लाख हो जाता है और 30% स्लैब ₹30 लाख पर शिफ्ट होता है, तो ₹15-25 लाख इनकम वाले लोग सबसे ज्यादा राहत पा सकते हैं।
बड़े टैक्स कट्स की बजाय, इन्फ्लेशन-अनुकूल ट्वीक्स और कंप्लायंस आसान बनाने पर जोर।
सीनियर सिटिजन्स के लिए हेल्थकेयर डिडक्शन्स या इंटरेस्ट इनकम रिलीफ भी संभव।
बजट 1 फरवरी को आएगा, तब तक ये सिर्फ एक्सपर्ट्स की उम्मीदें हैं।
