बिहार में VIP सुरक्षा में बड़ा फेरबदल: तेजस्वी यादव की Z से Y+ हुई, नितिन नवीन-ललन सिंह को मिली Z कैटेगरी—देखें पूरी लिस्ट
बिहार में VIP सुरक्षा में बड़ा फेरबदल: तेजस्वी यादव की Z से Y+ हुई, नितिन नवीन-ललन सिंह को मिली Z कैटेगरी—देखें पूरी लिस्ट
बिहार सरकार ने राज्य स्तरीय सुरक्षा समीक्षा समिति की सिफारिशों और थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बड़ा बदलाव किया है। गृह विभाग के ताजा आदेश के मुताबिक, विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (RJD) की सुरक्षा Z कैटेगरी से घटाकर Y+ कर दी गई है। वहीं, NDA खेमे के कई बड़े नेताओं—खासकर BJP और JDU के—की सुरक्षा बढ़ाई गई है। यह फैसला सियासी गलियारों में गरमागरम बहस छेड़ रहा है, जहां RJD इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बता रही है, जबकि सरकार इसे “थ्रेट पर आधारित निष्पक्ष समीक्षा” कह रही है।
किन नेताओं की सुरक्षा बदली? मुख्य बदलाव
तेजस्वी यादव (विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, RJD): Z से घटाकर Y+। (पहले चुनाव के दौरान Y+ से बढ़ाकर Z की गई थी, अब फिर कम।)
नितिन नवीन (BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष): Z कैटेगरी दी गई (बढ़ाई गई)।
ललन सिंह (केंद्रीय मंत्री, JDU): Z कैटेगरी मिली (बढ़ाई/कन्फर्म की गई)।
संजय सरावगी (BJP बिहार प्रदेश अध्यक्ष): Z कैटेगरी दी गई।
मंगल पांडे (बिहार स्वास्थ्य मंत्री, BJP): Z कैटेगरी मिली।
गिरिराज सिंह (केंद्रीय मंत्री): Y से बढ़ाकर Y+।
राजेश राम (कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष): सुरक्षा पूरी तरह हटा ली गई।
कुछ अन्य कांग्रेस और RJD नेताओं की सुरक्षा भी घटाई या हटाई गई (कुल तीन वरिष्ठ नेताओं की पूरी सुरक्षा वापस)।
क्या है वजह?
राज्य सरकार के गृह विभाग ने कहा कि यह बदलाव सुरक्षा एजेंसियों की नई थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट पर आधारित है।
चुनाव बाद की समीक्षा में NDA नेताओं के बढ़ते प्रोफाइल और संभावित खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा मजबूत की गई।
RJD का आरोप: “नीतीश सरकार विपक्ष को कमजोर करने की साजिश रच रही है। तेजस्वी यादव सबसे बड़े आलोचक हैं, उनकी सुरक्षा घटाना राजनीतिक है।”
BJP-JDU का पक्ष: “सुरक्षा राजनीति से ऊपर है, थ्रेट लेवल के हिसाब से फैसला लिया गया।”
यह बदलाव बिहार की सियासत में नया ट्विस्ट ला रहा है, खासकर 2025 विधानसभा चुनाव के बाद NDA सरकार के मजबूत होने के दौर में। तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती को लेकर RJD समर्थक सोशल मीडिया पर #TejashwiSecurity ट्रेंड करा रहे हैं। क्या यह सिर्फ सुरक्षा का मामला है या राजनीतिक स्कोर सेटलिंग? समय बताएगा, लेकिन फिलहाल बिहार में सुरक्षा घेरों का खेल तेज हो गया है!
