अन्तर्राष्ट्रीय

World Economic Forum में ट्रंप ने चीन और यूरोप पर खड़े किए सवाल, ग्रीनलैंड को लेकर दिया बड़ा बयान: ‘फोर्स नहीं यूज करूंगा, लेकिन हम इसे लेंगे’

World Economic Forum में ट्रंप ने चीन और यूरोप पर खड़े किए सवाल, ग्रीनलैंड को लेकर दिया बड़ा बयान: ‘फोर्स नहीं यूज करूंगा, लेकिन हम इसे लेंगे’

विश्व आर्थिक मंच (WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना सबसे विवादास्पद संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने ग्रीनलैंड पर फिर से दावा ठोका और यूरोप तथा चीन पर तीखे सवाल खड़े किए। ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड “उत्तर अमेरिका का हिस्सा” है और अमेरिका की “कोर नेशनल सिक्योरिटी इंटरेस्ट” है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसे हासिल करने के लिए फोर्स (सैन्य बल) का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

ट्रंप के मुख्य बयान

ग्रीनलैंड पर: ट्रंप ने कहा, “यह बड़ा, सुंदर आइस का टुकड़ा है… अमेरिका अकेला है जो इस विशाल भूमि की सुरक्षा कर सकता है। मैं तत्काल वार्ता की मांग कर रहा हूं ताकि ग्रीनलैंड अमेरिका का हो।” उन्होंने जोर देकर कहा, “लोग सोचते थे कि मैं फोर्स यूज करूंगा, लेकिन मैं फोर्स नहीं यूज करूंगा। मैं नहीं चाहता फोर्स यूज करना।” हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बात नहीं बनी तो “हम याद रखेंगे” और अमेरिका “अनस्टॉपेबल” होगा।

यूरोप पर सवाल: ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे “सही दिशा में नहीं जा रहे” और “अनकंट्रोल्ड मास माइग्रेशन” से बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने NATO सहयोगियों को “अनरिलायबल” बताया और कहा कि अमेरिका अकेला ही यूरोप की सुरक्षा कर रहा है। ट्रंप ने यूरोप पर टैरिफ थ्रेट्स का भी जिक्र किया और कहा कि वे “नहीं हेडिंग इन द राइट डायरेक्शन”।

चीन पर: ट्रंप ने चीन को अप्रत्यक्ष रूप से निशाने पर लिया, ग्रीनलैंड को “रूस और चीन के बीच स्ट्रैटेजिक लोकेशन” बताते हुए कहा कि अमेरिका को इसे कंट्रोल करना जरूरी है ताकि “बैड गाइज” कुछ न कर सकें। उन्होंने ग्लोबल इकोनॉमिक ऑर्डर में चीन की बढ़ती भूमिका पर भी सवाल उठाए।

विवाद क्यों?

ट्रंप के ग्रीनलैंड दावे ने डेनमार्क (जिसके अधीन ग्रीनलैंड है) और यूरोपीय नेताओं में खलबली मचा दी है। डेनमार्क ने इसे “अस्वीकार्य” बताया, जबकि NATO सेक्रेटरी जनरल मार्क रुट्टे ने यूक्रेन पर फोकस करने की अपील की। ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड का अधिग्रहण NATO को मजबूत करेगा, न कि कमजोर।

ट्रंप का यह संबोधन दावोस में सबसे ज्यादा चर्चित रहा, जहां उन्होंने अमेरिकी इकोनॉमिक एजेंडा पर भी बात की, लेकिन ग्रीनलैंड और यूरोप-चीन मुद्दों ने सब कुछ छा लिया। बाजारों में हल्की राहत आई क्योंकि फोर्स रूल आउट किया गया, लेकिन यूरोपीय नेता अब भी चिंतित हैं।

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