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सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार! जांच SIT के हाथ में, लापरवाही पर सवाल

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार! जांच SIT के हाथ में, लापरवाही पर सवाल

ग्रेटर नोएडा/नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में 17 जनवरी 2026 की रात घने कोहरे के बीच हुए दर्दनाक हादसे में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने मंगलवार (20 जनवरी 2026) को मुकदमे में नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। अभय कुमार MZ Wish Town (या MZ Wiztown Planners) का मालिक और प्रमोटर है, जिसकी साइट पर हादसा हुआ था।

हादसे का पूरा मामला:

युवराज मेहता गुरुग्राम की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में रहते थे।

17 जनवरी की मध्यरात्रि में घर लौटते समय घने कोहरे में उनकी मारुति ग्रैंड विटारा कार सड़क से उतरकर 20-50 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे (निर्माणाधीन बेसमेंट के लिए खोदा गया) में गिर गई।

गड्ढा निर्माण साइट पर था, जहां कोई बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड या सुरक्षा उपाय नहीं थे।

युवराज ने फोन पर पिता राजकुमार मेहता को मदद मांगी, लेकिन 2 घंटे तक गुहार लगाने के बावजूद बचाव में देरी हुई। पोस्टमार्टम में मौत का कारण एंटे-मॉर्टम डूबने से दम घुटना (asphyxia due to drowning) और उसके बाद कार्डियक अरेस्ट पाया गया।

पिता ने आरोप लगाया कि अगर समय पर बचाव हुआ होता तो बेटा बच सकता था। उन्होंने नोएडा अथॉरिटी, पुलिस और बिल्डरों पर लापरवाही का आरोप लगाया।

जांच और कार्रवाई का अपडेट:

FIR: युवराज के पिता की तहरीर पर नॉलेज पार्क थाने में दो बिल्डर कंपनियों – MZ Wish Town Planners (अभय कुमार) और Lotus Greens – के खिलाफ culpable homicide not amounting to murder (IPC 304A), लापरवाही से मौत और अन्य धाराओं में FIR दर्ज।

अभय कुमार की गिरफ्तारी: 20 जनवरी को नामजद आरोपी अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया। वह MZ Wish Town का मालिक है। Lotus Greens ने कहा कि प्लॉट 2019-20 में नोएडा अथॉरिटी की मंजूरी से अभय कुमार की Grihapravesh Group को ट्रांसफर हुआ था, इसलिए उनकी कोई भूमिका नहीं।

SIT जांच: सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 3 सदस्यीय SIT गठित। जांच में लापरवाही, सुरक्षा उपायों की कमी और 2023 में सिंचाई विभाग द्वारा पानी निकासी की चेतावनी (जो अनदेखी हुई) की जांच हो रही है।

नोएडा अथॉरिटी पर एक्शन: CEO लोकेश एम को हटा दिया गया। जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवा समाप्त। दो अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस। अथॉरिटी ने सभी निर्माण साइट्स पर सुरक्षा चेक का अभियान शुरू किया।

अन्य खुलासे: FIR में नामजद बिल्डर पर 3000 करोड़ रुपये का बकाया बताया गया। सिंचाई विभाग ने 2023 में पानी जमा होने पर हेड रेगुलेटर बनाने की सिफारिश की थी, लेकिन अनदेखी हुई।

परिवार और समाज की मांग:

पिता राजकुमार मेहता ने कहा: “मेरा बेटा 5 मिनट में बच सकता था। नाव, रस्सी, सेफ्टी जैकेट सब था, फिर भी मदद नहीं मिली।” वे हरिद्वार में अस्थि विसर्जन कर चुके हैं।

स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकाला, न्याय की मांग की।

यह मामला नोएडा में निर्माण साइट्स पर सुरक्षा मानकों की कमी और अथॉरिटी-बिल्डर मिलीभगत पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। SIT की रिपोर्ट से आगे की कार्रवाई तय होगी। युवराज जैसे युवा की मौत ने पूरे NCR को झकझोर दिया है। न्याय की उम्मीद बनी हुई है!

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