उत्तराखंड

चारधाम यात्रा 2026: हेलीकॉप्टर सेवाओं में बड़ी कटौती, DGCA के सख्त नियमों के बाद UCADA ने की तैयारी – किराया नियंत्रित रखने का वादा!

चारधाम यात्रा 2026: हेलीकॉप्टर सेवाओं में बड़ी कटौती, DGCA के सख्त नियमों के बाद UCADA ने की तैयारी – किराया नियंत्रित रखने का वादा!

देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ) की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इस बार हेलीकॉप्टर सेवाएं पिछले सालों से काफी अलग और सुरक्षित होंगी। 2025 में 5 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं (कई मौतें) के बाद DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने सख्ती बरती और सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई। अब उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) ने DGCA के सभी कंप्लायंस पूरे कर लिए हैं, और सेवाएं फिर शुरू होंगी – लेकिन क्षमता में कमी के साथ।

UCADA CEO आशीष चौहान का बयान: UCADA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी IAS आशीष चौहान ने बताया कि DGCA के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है। DGCA ने उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्थाओं से संतुष्टि जताई है। मुख्य बदलाव:

ट्रैफिक कंट्रोल और मॉनिटरिंग: देहरादून के सहस्त्रधारा और सिरसी हेलीपैड पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट और मेट्रोलॉजी यूनिट स्थापित।

ग्राउंड मॉनिटरिंग: लिंचोली, भीमबली और गौरीकुंड में स्टाफ तैनात।

PTZ कैमरे: सहस्त्रधारा से केदारनाथ तक 30+ Pan-Tilt-Zoom कैमरे लगाए गए – रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए।

टेंडर प्रक्रिया: जल्द टेंडर अलॉट होंगे, नए कंपनियों का चयन (कुछ रिपोर्ट्स में 3 साल के अनुबंध खत्म होने के बाद नए सिरे से)।

हेली सेवाओं में कमी – क्यों?

सहस्त्रधारा हेलीपैड से रोजाना 65 उड़ानें की बजाय अब 40 तक सीमित।

केदारघाटी में शटल सर्विस में 30% कमी।

DGCA ने भार, संतुलन, मौसम और फ्लाइंग घंटों पर सख्त नियम लगाए – सुरक्षा पहले।

पिछले साल के हादसों से सबक: 8 घंटे फ्लाइंग, कम कंपनियां, बेहतर चेक।

किराया पर क्या असर? CEO चौहान ने कहा कि अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाओं के बावजूद किराया महंगा नहीं किया जाएगा – नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश। पिछले साल कुछ बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन 2026 में स्थिर रखने का प्रयास।

सड़क मार्ग पर बढ़ेगा दबाव – क्या तैयारी? हेली में 30-40% कमी से सड़क मार्ग पर भीड़ बढ़ेगी। लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे ने बताया:

केदारनाथ के लिए डबल लाइन सड़क: बड़ा हिस्सा पूरा, सोनप्रयाग-सीतापुर बाकी।

निर्माण में समस्या आने पर वैकल्पिक मार्ग (नदी के दूसरी तरफ) प्लान।

अगले 3-4 साल में केदारनाथ रोपवे शुरू – हेली पर निर्भरता कम होगी।

चारधाम यात्रा 2026 की संभावित तारीखें (पिछले पैटर्न से):

यमुनोत्री/गंगोत्री: अप्रैल मध्य (19 अप्रैल के आसपास)।

केदारनाथ: अप्रैल अंत (22 अप्रैल के आसपास)।

बद्रीनाथ: मई शुरू। (आधिकारिक घोषणा जल्द।)

इस बार यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित होगी, लेकिन हेली बुकिंग में पहले से प्लानिंग जरूरी। UCADA और DGCA की सख्ती से दुर्घटनाओं का खतरा कम, लेकिन सड़क यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ सकता है। जय बद्री-केदार!

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