मजबूत दीवारें, सीक्रेट एंट्री, मैगी-चावल का स्टॉक… 12,000 फीट पर जैश का ‘कारगिल-स्टाइल’ बंकर! ऑपरेशन ट्राशी-I में सेना ने ध्वस्त किया
मजबूत दीवारें, सीक्रेट एंट्री, मैगी-चावल का स्टॉक… 12,000 फीट पर जैश का ‘कारगिल-स्टाइल’ बंकर! ऑपरेशन ट्राशी-I में सेना ने ध्वस्त किया
श्रीनगर/किश्तवाड़: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ा सफल ऑपरेशन चलाया है। पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकियों का एक अत्यधिक मजबूत और गुप्त बंकर 12,000 फीट की ऊंचाई पर सिंघपोरा इलाके (छत्रू) में पाया गया। इसे कारगिल-स्टाइल फोर्टिफाइड बंकर कहा जा रहा है, जो महीनों तक आतंकियों को बर्फीले पहाड़ों में छिपा रख सकता था।
ऑपरेशन ट्राशी-I के तहत सोमवार (19 जनवरी 2026) को यह बंकर ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान रिकवर की गई चीजें बताती हैं कि आतंकी लंबे समय तक यहां रहने की तैयारी में थे।
बंकर की खासियतें:
मजबूत निर्माण: पत्थरों से लाइन की गई मोटी दीवारें, जो एनकाउंटर में टिक सकें।
सीक्रेट एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स: कई गुप्त प्रवेश-निकास द्वार, जिससे आसानी से भागा जा सके।
क्षमता: एक साथ 4 से ज्यादा आतंकियों के रहने लायक।
खाने-पीने का स्टॉक:
50 पैकेट मैगी
20 किलो बासमती चावल
टमाटर, आलू जैसी ताजी सब्जियां
15 तरह के मसाले
अनाज, देसी घी, कुकिंग गैस, सूखी लकड़ी
कंबल और अन्य जरूरी सामान
यह सब सर्दियों में महीनों तक सर्वाइव करने के लिए पर्याप्त था।
कैसे ध्वस्त हुआ बंकर? रविवार दोपहर को जब सेना और सुरक्षा बल बंकर के करीब पहुंचे, तो जैश के आतंकियों ने ग्रेनेड फेंके। इसमें 7 जवान घायल हुए, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह ने बाद में दम तोड़ दिया। आतंकी भाग निकले, लेकिन बंकर का पता चल गया। सेना ने इसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
आतंकियों का कनेक्शन: यह बंकर जैश के पाकिस्तानी मूल के कमांडर सैफुल्लाह और उसके डिप्टी आदिल द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच में पता चला है कि बंकर बनाने और राशन पहुंचाने में लोकल सपोर्ट नेटवर्क शामिल था। बिना लोकल मदद के इतना मजबूत बंकर बनाना और स्टॉक करना मुश्किल था।
सुरक्षा बलों का कहना: यह ऑपरेशन जैश को किश्तवाड़ इलाके में नेस्तनाबूद करने की दिशा में बड़ा कदम है। पिछले हफ्ते कठुआ में भी जैश के तीन हिडआउट बस्ट किए गए थे। सेना अब ऐसे हाई-एल्टीट्यूड हिडआउट्स पर फोकस कर रही है, जहां आतंकी सर्दियों में छिपकर हमले की तैयारी करते हैं।
यह घटना दिखाती है कि आतंकवादियों की स्ट्रैटेजी कितनी सोची-समझी है, लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता और ऑपरेशनल क्षमता से ऐसे बंकर भी ज्यादा दिन नहीं टिक पाते। ऑपरेशन जारी है – जैश के कई और सदस्य अब फंसने वाले हैं!
