नितिन नबीन का भावुक पहला भाषण: “राजनीति सत्ता नहीं, साधना है” – बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने
नितिन नबीन का भावुक पहला भाषण: “राजनीति सत्ता नहीं, साधना है” – बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा गया है। 45 वर्षीय नितिन नबीन आज (20 जनवरी 2026) बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। वे पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जो 1980 में पार्टी के गठन के वर्ष में ही जन्मे थे। नितिन नबीन बिहार के पांच बार के विधायक हैं और पूर्वी भारत से इस पद पर पहुंचने वाले पहले नेता हैं।
बीजेपी मुख्यालय में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा और नितिन गडकरी समेत कई बड़े नेता मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने नितिन नबीन को “मिलेनियल” पीढ़ी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा, “जब पार्टी की बात आती है तो नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं और मैं उनका कार्यकर्ता हूं।” उन्होंने जोर दिया कि अगले 25 साल विकसित भारत के निर्माण के हैं और नितिन नबीन इस दौर में पार्टी की विरासत को आगे बढ़ाएंगे।
नितिन नबीन के पहले भाषण की प्रमुख बातें: नितिन नबीन ने पदभार संभालते हुए भावुक और प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने कहा:
“हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है।”
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान दिया।
इस साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं और आगे के चुनावों में बीजेपी और मजबूत होगी।
पार्टी की परंपरा, सुशासन, महिलाओं-गरीबों की योजनाओं और पूर्वोत्तर के विकास पर फोकस रहेगा।
“तेरा वैभव अमर रहे मां…” जैसी पंक्तियों से देशभक्ति का भाव व्यक्त किया।
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर ग्राउंड लेवल से शुरू हुआ। वे बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार अध्यक्ष रह चुके हैं। 26 साल की उम्र में पटना के बांकीपुर से सबसे युवा विधायक बने और अब 45 साल में पार्टी की कमान संभाली। दिसंबर 2025 में कार्यकारी अध्यक्ष बने थे, जिसके बाद उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा था।
यह नियुक्ति बीजेपी में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है – उम्र या वंश नहीं, मेहनत और संगठनात्मक क्षमता पर आधारित नेतृत्व। पार्टी अब युवा ऊर्जा के साथ 2029 लोकसभा चुनाव और आगे की चुनौतियों के लिए तैयार हो रही है।
क्या नितिन नबीन की अगुवाई में बीजेपी नई ऊंचाइयों को छुएगी? समय बताएगा, लेकिन उनका पहला संदेश साफ है – सेवा, त्याग और राष्ट्रवाद।
