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UAE राष्ट्रपति के 3 घंटे के दिल्ली दौरे से मिले 5 बड़े समझौते और 7 ऐतिहासिक ऐलान!

19 जनवरी 2026 को UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान (MBZ) का एक दिवसीय (करीब 3 घंटे का) दिल्ली दौरा बेहद महत्वपूर्ण रहा। पीएम नरेंद्र मोदी ने पालम एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया, और दोनों नेताओं के बीच हाइड्रोलॉजिकल वार्ता (हाइड्रोलॉजिकल टॉक्स) में रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, LNG आपूर्ति, निवेश, फूड सिक्योरिटी और आतंकवाद विरोध जैसे क्षेत्रों पर गहन चर्चा हुई। दौरा छोटा था, लेकिन परिणाम बड़े – 5 प्रमुख समझौते और 7 महत्वपूर्ण ऐलान हुए, जो भारत-UAE की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देते हैं।

मुख्य हासिल और समझौते:

ऊर्जा और LNG सप्लाई:

ADNOC और भारतीय कंपनियों के बीच 10 साल का LNG सप्लाई समझौता – भारत 2028 से सालाना 0.5 मिलियन टन LNG आयात करेगा।

क्रूड ऑयल स्टोरेज और रिन्यूएबल एनर्जी में नए निवेश पर सहमति।

दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा और क्लाइमेट चेंज पर सहयोग बढ़ाने का फैसला किया।

रक्षा और सुरक्षा:

काउंटर-टेररिज्म पर मजबूत प्रतिबद्धता – खुफिया साझेदारी और संयुक्त अभ्यास बढ़ाए जाएंगे।

रक्षा उद्योग में सहयोग, जैसे संयुक्त उत्पादन और तकनीकी ट्रांसफर पर चर्चा।

क्षेत्रीय स्थिरता (वेस्ट एशिया, ईरान, गाजा) पर विचार-विमर्श – UAE ने ट्रंप के Gaza Peace Board का समर्थन किया, और भारत को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दोहराया।

अंतरिक्ष और टेक्नोलॉजी:

अंतरिक्ष सहयोग पर नया फ्रेमवर्क – सैटेलाइट लॉन्च, स्पेस रिसर्च और AI-ड्रिवन प्रोजेक्ट्स में साझेदारी।

UAE ने भारत के AI Impact Summit (फरवरी 2026) का समर्थन दोहराया।

निवेश और व्यापार:

$200 बिलियन ट्रेड टारगेट पर सहमति – CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) के तहत ट्रेड बढ़ाने पर फोकस।

फूड सिक्योरिटी और फूड प्रोसेसिंग में निवेश – UAE भारत से फूड प्रोडक्ट्स आयात बढ़ाएगा।

ब्रिक्स समिट (भारत में अगला) और IMEEC (India-Middle East-Europe Economic Corridor) पर चर्चा।

अन्य ऐलान:

दोनों नेताओं ने क्लाइमेट-लिंक्ड साइंटिफिक कोऑपरेशन और कनेक्टिविटी इनिशिएटिव्स पर जोर दिया।

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों (ईरान तनाव, गाजा) पर विचार साझा किए।

UAE ने भारत के साथ लोकल करेंसी सेटलमेंट और बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी को मजबूत करने की बात दोहराई।

दौरा क्यों महत्वपूर्ण?

यह MBZ की राष्ट्रपति बनने के बाद तीसरी आधिकारिक यात्रा और पिछले 10 साल में पांचवीं यात्रा है – दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संपर्क की निरंतरता दिखाता है।

दौरा ऐसे समय में हुआ जब मिडिल ईस्ट में तनाव (ईरान-US, गाजा) चरम पर है। UAE और भारत दोनों क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साझेदार हैं।

व्यापार पहले से ही $100 बिलियन+ का है – नए समझौते इसे $200 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य देते हैं।

दोनों नेताओं ने कहा कि यह दौरा भारत-UAE साझेदारी को अगले दशक के लिए और मजबूत बनाएगा।

संक्षेप में, 3 घंटे की इस यात्रा से ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष और निवेश में नए द्वार खुले – जो भारत की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती के लिए बड़ा बूस्ट हैं। क्या यह दौरा भारत-UAE संबंधों का नया अध्याय साबित होगा? समय बताएगा!

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