नोएडा की घटना पर सीएम योगी का सख्त रुख: 3 सदस्यीय SIT गठित, ADG जोन मेरठ की अगुवाई में 5 दिनों में रिपोर्ट!
नोएडा की घटना पर सीएम योगी का सख्त रुख: 3 सदस्यीय SIT गठित, ADG जोन मेरठ की अगुवाई में 5 दिनों में रिपोर्ट!
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा (ग्रेटर नोएडा, सेक्टर 150) में 16 जनवरी 2026 की आधी रात को हुई दिल दहला देने वाली घटना का संज्ञान लिया है, जिसमें 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार निर्माणाधीन मॉल के 20 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। युवराज ने फोन पर पिता से रोते हुए गुहार लगाई थी – “पापा मुझे बचा लो… डूब रहा हूं…” – लेकिन 80-90 मिनट तक कोई रेस्क्यू नहीं पहुंचा।
SIT गठन और जांच के निर्देश:
मुख्यमंत्री ने घटना की निष्पक्ष और तेज जांच के लिए 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं।
SIT की अगुवाई: ADG जोन मेरठ (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन) करेंगे।
अन्य सदस्य:
मंडलायुक्त मेरठ (डिवीजनल कमिश्नर)
चीफ इंजीनियर PWD (लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश)
समयसीमा: SIT को 5 दिनों के अंदर पूरी जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपनी होगी।
जांच के मुख्य बिंदु:
निर्माण साइट पर सुरक्षा उपायों की कमी (कोई बैरिकेडिंग, साइनेज, लाइटिंग या डायवर्जन नहीं)
इमरजेंसी रेस्पॉन्स में देरी (पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की लापरवाही)
निर्माण कंपनी, Noida Authority और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी
घने कोहरे और सर्दी के बीच रोड सेफ्टी व्यवस्था की जांच
घटना की याद और जनता का गुस्सा:
युवराज मेहता की मौत पर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश है। पिता राजकुमार मेहता ने कहा: “मेरे सामने बेटा डूब गया… सिस्टम सोया हुआ था।”
कई लोगों ने इसे “सिस्टम की हत्या” बताया, क्योंकि ठंड में भी रेस्क्यू टीम ने पानी में उतरने से इनकार किया।
मुख्यमंत्री योगी ने घटना को “बहुत गंभीर” बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।
यह SIT गठन उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जनता के गुस्से को शांत करने और जवाबदेही तय करने का प्रयास माना जा रहा है। 5 दिनों में रिपोर्ट आने के बाद क्या कार्रवाई होगी – निर्माण कंपनी पर बैन, अधिकारियों का निलंबन या अन्य कदम? सबकी नजरें टिकी हैं।
