उत्तराखंड

‘मैं भी अंकिता’ अभियान शुरू: उत्तराखंड युवा कांग्रेस ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में लॉन्च किया पोस्टर, सीबीआई जांच पर उठाए गंभीर सवाल

‘मैं भी अंकिता’ अभियान शुरू: उत्तराखंड युवा कांग्रेस ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में लॉन्च किया पोस्टर, सीबीआई जांच पर उठाए गंभीर सवाल

उत्तराखंड युवा कांग्रेस ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में ‘मैं भी अंकिता’ अभियान का पोस्टर लॉन्च किया। यह अभियान अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें युवा कांग्रेस ने घोषणा की है कि जब तक सीबीआई से संतोषजनक (सेटिस्फेक्ट्री) रिपोर्ट नहीं आती, तब तक यह अभियान राज्यभर में लगातार चलाया जाएगा।

युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी सुरभि द्विवेदी ने अभियान लॉन्च करते हुए कहा, “अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड की जनता की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला मामला है। इस घटना ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, सत्ता के संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।”

मुख्य आरोप और चिंताएं

सुरभि द्विवेदी ने विशेष रूप से इस बात पर निशाना साधा कि पीड़िता के माता-पिता द्वारा दी गई शिकायत को दरकिनार कर थर्ड पार्टी की शिकायत के आधार पर सीबीआई जांच की संस्तुति की गई। उन्होंने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) के विपरीत बताया। द्विवेदी ने कहा, “यह फैसला पीड़ित परिवार को जानबूझकर हाशिये पर धकेलने जैसा है। इससे यह संदेश जाता है कि सत्ता के करीबी लोगों के खिलाफ कार्रवाई में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है।”

अभियान का उद्देश्य

युवा कांग्रेस ने ‘मैं भी अंकिता’ अभियान के तहत राज्यभर में जागरूकता रैलियां, पोस्टर अभियान, सोशल मीडिया कैंपेन और जनसभाएं आयोजित करने की योजना बनाई है। अभियान का मुख्य फोकस:

अंकिता मामले में पारदर्शी और तेज जांच की मांग।

महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था में सुधार।

पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए लगातार दबाव बनाना।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच अब सीबीआई के हाथ में है, लेकिन रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। विपक्षी दल पहले से ही सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले कहा था कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष है और दोषियों को सजा मिलेगी, लेकिन कांग्रेस इसे ‘ढोंग’ बता रही है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड 18 सितंबर 2022 को हुई थी, जब 19 वर्षीय अंकिता पुलिस कांस्टेबल की नौकरी के लिए आवेदन कर रही थी और तत्कालीन मंत्री पुलकित आर्य के आवास पर काम करती थी। मामले में तीन आरोपियों – पुलकित आर्य, अंकित आर्य और सौरभ भास्कर – को गिरफ्तार किया गया था।

युवा कांग्रेस का यह अभियान अब राज्य की राजनीति में नया मुद्दा बनने जा रहा है। क्या ‘मैं भी अंकिता’ अभियान न्याय दिला पाएगा? कमेंट में अपनी राय बताएं।

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