‘नवनीत राणा के कारण हारे…’ अमरावती नगर निकाय चुनाव के 22 BJP उम्मीदवारों ने CM फडणवीस को लिखा पत्र: निष्कासन की मांग, पार्टी में बगावत के सुर
‘नवनीत राणा के कारण हारे…’ अमरावती नगर निकाय चुनाव के 22 BJP उम्मीदवारों ने CM फडणवीस को लिखा पत्र: निष्कासन की मांग, पार्टी में बगावत के सुर
महाराष्ट्र के अमरावती नगर निगम चुनाव में BJP को मिली करारी हार के बाद पार्टी के अंदर विद्रोह की आग भड़क गई है। 15 जनवरी को हुए चुनाव में BJP की सीटें 45 से घटकर सिर्फ 25 रह गईं। इस हार से नाराज 22 BJP उम्मीदवारों (जिनमें 20 हारे और 2 जीते हुए शामिल हैं) ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर पूर्व सांसद नवनीत राणा को पार्टी से तुरंत निष्कासित करने की मांग की है। उम्मीदवारों का आरोप है कि नवनीत राणा ने BJP के खिलाफ खुलेआम प्रचार किया, जिसके कारण उनकी हार हुई – जनता या विपक्ष की वजह से नहीं।
पत्र में क्या लिखा?
उम्मीदवारों ने पत्र में कहा:
“हम समर्पित और मेहनती पार्टी कार्यकर्ता हैं, समाज से जुड़े हुए हैं। हमारी हार विपक्ष या जनता के कारण नहीं, बल्कि वरिष्ठ BJP नेता नवनीत राणा द्वारा पार्टी के खिलाफ खुले तौर पर प्रचार करने से हुई।”
नवनीत राणा ने BJP उम्मीदवारों को ‘डमी’ (नाममात्र के उम्मीदवार) बताया और अपने पति रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी (YSP) के उम्मीदवारों को ‘असली BJP उम्मीदवार’ बताकर प्रचार किया।
अगर नवनीत राणा को पार्टी से नहीं निकाला गया, तो अमरावती में BJP की मौजूदगी खत्म हो जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि राणा का यह व्यवहार पार्टी को भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
चुनाव परिणाम और विवाद की पृष्ठभूमि
87 सदस्यीय अमरावती नगर निगम में BJP को 25 सीटें मिलीं (पिछले चुनाव में 45 थीं)।
युवा स्वाभिमान पार्टी (रवि राणा की पार्टी) को 15-16 सीटें, कांग्रेस को 15, AIMIM को 12, NCP को 11, शिवसेना और BSP को 3-3, शिवसेना (UBT) को 2 और VBA को 1 सीट मिली।
चुनाव से पहले BJP ने YSP से गठबंधन तोड़ दिया था, लेकिन नवनीत राणा (जो BJP में हैं) ने YSP के पक्ष में प्रचार किया, जिससे पार्टी में असंतोष बढ़ा।
नवनीत राणा 2019 में निर्दलीय (कांग्रेस-NCP समर्थन से) और 2024 में BJP टिकट पर अमरावती लोकसभा सीट से हार चुकी हैं। उनकी दोहरी भूमिका (पति की पार्टी vs BJP) पहले से ही विवादास्पद रही है।
BJP का रुख और आगे क्या?
BJP नेताओं ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस पत्र पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, स्थानीय BJP नेता नवनीत राणा को ‘राष्ट्रीय नेता’ बताते हुए उनका बचाव करते रहे हैं। CM फडणवीस के सामने अब चुनौती है कि पार्टी में एकता बनाए रखें या राणा पर कार्रवाई करें। महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों में BJP-महायुति को बड़ी जीत मिली है (29 में से 25 निगम जीते), लेकिन अमरावती में यह आंतरिक कलह पार्टी के लिए बड़ा झटका है।
क्या नवनीत राणा को पार्टी से निकाला जाएगा? या यह मामला दब जाएगा? अमरावती BJP में बगावत के सुर तेज हैं। कमेंट में अपनी राय बताएं!
