‘सरकार की लापरवाही से हुआ…’: इंदौर दूषित पानी त्रासदी में राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, सरकार पर साधा निशाना
‘सरकार की लापरवाही से हुआ…’: इंदौर दूषित पानी त्रासदी में राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, सरकार पर साधा निशाना
मध्य प्रदेश के इंदौर में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हुई मौतों और बीमारियों के बीच राहुल गांधी ने शनिवार (17 जनवरी 2026) को दौरा किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सबसे पहले बॉम्बे अस्पताल पहुंचकर दूषित पानी से प्रभावित मरीजों से मुलाकात की, उनके हाल-चाल पूछे और परिवारों से बात की। इसके बाद वे भागीरथपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने मृतकों के परिवारों से मिले, उन्हें ढांढस बंधाया और प्रत्येक प्रभावित परिवार को 1 लाख रुपये का चेक सहायता के रूप में दिया (कुल 22 परिवारों को)।
दिसंबर 2025 में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त जैसी गंभीर बीमारियां फैलीं। कांग्रेस का दावा है कि 24 लोगों की मौत हुई, जबकि सरकार ने 21 परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता दी (कुछ मौतें अन्य कारणों से बताई गईं)। MGMMC की डेथ ऑडिट रिपोर्ट में 15 मौतों को आउटब्रेक से जुड़ा माना गया।
राहुल गांधी सुबह दिल्ली से विशेष फ्लाइट से पहुंचे। वे उमंग सिंघार (विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष), जीतू पटवारी (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) और अन्य नेताओं के साथ थे।
अस्पताल में 4 मरीजों से मिले, फिर भागीरथपुरा की संकरी गलियों में गए। वहां गीता बाई जैसे मृतकों के घर पहुंचे, परिवारों से बात की।
मीडिया से बातचीत में राहुल ने कहा: “भागीरथपुरा में दूषित पानी से कई मौतें हुईं, कई बीमार पड़े। स्मार्ट सिटी का वादा किया गया था, लेकिन यहां पीने का साफ पानी भी नहीं। आज भी मीडिया की वजह से थोड़ा पानी आ रहा है, लेकिन फोकस हटते ही समस्या वापस। यह सरकार की लापरवाही है। साफ पानी जनता का अधिकार है, सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। लोग धमकाए जा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि वे राजनीति नहीं, संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने आए हैं। बीजेपी पर तंज कसते हुए बोले कि 20+ साल बीजेपी शासन में इंदौर में साफ पानी नहीं दिया गया।
कांग्रेस ने पहले सम्मेलन की कोशिश की थी (बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों के साथ), लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।
यह घटना इंदौर के ‘स्मार्ट सिटी’ इमेज पर सवाल उठा रही है। CM मोहन यादव ने राहुल के दौरे पर कहा कि “मृतकों पर राजनीति नहीं चलेगी” और भोपाल गैस त्रासदी का जिक्र कर कांग्रेस पर पलटवार किया। प्रशासन ने अब पानी की सफाई और सप्लाई सुधारने के दावे किए हैं, लेकिन पीड़ित परिवारों का कहना है कि समस्या बनी हुई है।
