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Review: वीर दास ने ‘हैप्पी पटेल’ में किया धमाल, लेकिन कहानी कमजोर, कुछ सीन ही बचा लेते हैं फिल्म को

आमिर खान प्रोडक्शंस की नई फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। वीर दास की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म में वो खुद लीड रोल में हैं – एक क्लम्जी लेकिन उत्साही ब्रिटिश-इंडियन जासूस ‘हैप्पी पटेल’ के रूप में। फिल्म स्पाई कॉमेडी है, जिसमें गोवा में सेट मिशन, गलतफहमियां, कल्चर क्लैश और ढेर सारा मेटा ह्यूमर है। लेकिन रिव्यूज मिले-जुले हैं – वीर दास की परफॉर्मेंस सबसे मजबूत पॉइंट है, जबकि कहानी और स्क्रिप्ट में कमजोरियां साफ दिखती हैं।

कहानी का सार (स्पॉइलर-फ्री)

हैप्पी पटेल (वीर दास) एक एनआरआई है, जिसे MI7 जैसी एजेंसी में जासूस बना दिया जाता है। वो गोवा में एक वैज्ञानिक को बचाने के मिशन पर जाता है, जहां डॉन ‘मामा’ (मोना सिंह) से टकराव होता है।

बीच में प्यार, गलतफहमियां, बॉलीवुड स्टाइल डांस और ढेर सारे पन/डबल मीनिंग जोक्स।

कैमियो में आमिर खान, इमरान खान (कमबैक), शारिब हाशमी, मिथिला पालकर और सृष्टि तावड़े।

फिल्म 2 घंटे की है, लेकिन कई जगह खिंचती लगती है।

प्लस पॉइंट्स

वीर दास की परफॉर्मेंस: फिल्म में सबसे बड़े स्टार वीर दास ही हैं। उनका कमिक टाइमिंग, मासूमियत और पागलपन परफेक्ट फिट है। कई रिव्यूज में उन्हें “फिल्म की सोल” कहा गया है। वो ब्रेन-रॉट कैरेक्टर को इतनी अच्छी तरह निभाते हैं कि लगता है कोई और नहीं कर सकता था। उनके रिएक्शन शॉट्स और डायलॉग डिलीवरी से थिएटर में हंसी छूटती है।

कुछ मजेदार मोमेंट्स: रिकरिंग गैग्स (जैसे ‘टम’ को ‘टॉम’ बोलना), बॉलीवुड पैरोडी (छैय्या छैय्या स्टेप), सेक्सुअल इनुएंडोज और माइनर कैरेक्टर्स के जोक्स स्पॉट-ऑन हैं। सेकंड हाफ में कुछ एक्स्ट्राऑर्डिनरी ट्विस्ट्स और क्लाइमैक्स मजेदार हैं।

म्यूजिक और विजुअल्स: गाने (‘फक्ट अपन’, ‘चांटा तेरा’) फिल्म के टोन से मैच करते हैं। गोवा की लोकेशंस और कैओटिक एक्शन अच्छे लगते हैं।

फर्स्ट रिव्यूज: तृप्ति डिमरी, फातिमा सना शेख, नितांशी गोयल जैसी सेलेब्स ने इसे “जॉय राइड”, “फुल धमाल” कहा है। कई ने कहा कि ये “एंटरटेनिंग स्पाई कॉमेडी” है जो हंसाती, थ्रिल देती है।

माइनस पॉइंट्स

कहानी कमजोर: प्लॉट प्रेडिक्टेबल और कभी-कभी बोरिंग। कई रिव्यूज में कहा गया कि स्क्रिप्ट “अट्रोशियस” है, फिल्म खिंचती लगती है और कुछ जोक्स फोर्स्ड हैं। ये “दिल्ली बेली” जैसी एनर्जी की कोशिश करती है लेकिन पूरी नहीं कर पाती।

ह्यूमर सबके लिए नहीं: बहुत सारे पन, डबल मीनिंग और “अजीब” कॉमेडी – कुछ को पसंद आएगी, कुछ को ओवर-द-टॉप लगेगी। अगर आपको जॉनी इंग्लिश या तेज मार खान स्टाइल पसंद है तो ठीक, वरना निराशा हो सकती है।

सपोर्टिंग कैस्ट: मोना सिंह अंडरयूटिलाइज्ड, मिथिला पालकर क्यूट लेकिन लिमिटेड। आमिर और इमरान के कैमियो अच्छे हैं लेकिन ज्यादा इम्पैक्ट नहीं देते।

वर्डिक्ट

वीर दास फिल्म में छाए रहते हैं – उनकी परफॉर्मेंस और ह्यूमर ही इसे देखने लायक बनाते हैं। अगर आपको वीर दास का स्टैंड-अप स्टाइल पसंद है और आप हल्की-फुल्की, कैओटिक कॉमेडी चाहते हैं तो थिएटर जाकर देखें – कुछ मोमेंट्स में जोरदार हंसी आएगी। लेकिन अगर स्ट्रॉन्ग प्लॉट और डीप स्टोरी की उम्मीद है तो निराश हो सकते हैं।

रेटिंग (औसत रिव्यूज से): 2.5 से 3.5/5 स्टार्स – “एंटरटेनिंग लेकिन परफेक्ट नहीं”।

वीकेंड पर फैमिली या फ्रेंड्स के साथ ट्राई कर सकते हैं – कम से कम हंसते-हंसते 2 घंटे निकल जाएंगे!  क्या आपको फिल्म देखने का प्लान है? कमेंट में बताएं।

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