“ऑपरेशन सिंदूर था बहुत बड़ा हमला, अल्लाह ने हमें बचा लिया”—लश्कर कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ का कुबूलनामा
“ऑपरेशन सिंदूर था बहुत बड़ा हमला, अल्लाह ने हमें बचा लिया”—लश्कर कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ का कुबूलनामा
लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ ने आज मुरिदके स्थित मरकज़-ए-तैयबा में एक जनाजे और पासिंग-आउट सेरेमनी के दौरान खुलासा किया कि भारत का ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) उनके लिए “बहुत बड़ा हमला” था। रऊफ ने कहा, “यह एक बड़ा हमला था… मस्जिद (मरकज़-ए-तैयबा) को निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया गया। वह अब मस्जिद नहीं रही… आज हम वहां बैठ भी नहीं पा रहे हैं। लेकिन अल्लाह ने हमें बचा लिया।”
रऊफ, जो हाफिज सईद का करीबी है और अमेरिका द्वारा ग्लोबल टेररिस्ट घोषित है, ने ऑपरेशन सिंदूर के दर्द को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि 6-7 मई 2025 की रात को भारतीय हमले ने मुरिदके मुख्यालय को तबाह कर दिया, लेकिन “अल्लाह की मेहरबानी” से कई बच गए। यह LeT की तरफ से अब तक का सबसे प्रत्यक्ष कुबूलनामा है कि भारत का सटीक प्रहार सफल रहा और उनके प्रमुख ठिकाने ध्वस्त हो गए।
ऑपरेशन सिंदूर का बैकग्राउंड
ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले (26 मौतें, ज्यादातर पर्यटक) के जवाब में भारतीय सेना ने 7-10 मई 2025 को पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की।
LeT और जैश-ए-मोहम्मद के कई हाई-वैल्यू टारगेट मारे गए, जैसे जैश चीफ मसूद अजहर का भाई अब्दुल रऊफ अजहर, LeT कमांडर अबू जुंदाल, और अन्य।
मुरिदके में LeT का मुख्यालय (मरकज़-ए-तैयबा) पूरी तरह ध्वस्त हो गया—रऊफ ने खुद माना कि “वह अब मस्जिद नहीं रही”।
ऑपरेशन के बाद रऊफ ने मारे गए आतंकियों के जनाजे की अगुवाई की, जिसमें पाक आर्मी अधिकारी भी शामिल थे।
रऊफ का धमकी भरा बयान
कुबूलनामा के साथ रऊफ ने भारत को धमकी भी दी। उन्होंने कहा कि “हमने पलटवार किया और इसके झटके यूरोप तक महसूस किए गए।” बाद में उन्होंने दावा किया कि “10 मई के जवाब से भारत 50 साल तक पाकिस्तान की तरफ आंख नहीं उठाएगा।” रऊफ ने अमेरिका, तुर्की और बांग्लादेश को पाकिस्तान के साथ होने का दावा किया, लेकिन हकीकत में ऑपरेशन ने LeT को भारी नुकसान पहुंचाया।
अमेरिका और भारत का स्टैंड
हाफिज अब्दुल रऊफ LeT के सीनियर लीडर हैं (1999 से), Falah-e-Insaniat Foundation (FIF) के चीफ, और US SDN लिस्ट में हैं।
PIB फैक्ट-चेक ने पहले ही पाकिस्तान के “कॉमन मैन” वाले दावे को खारिज किया था।
ऑपरेशन सिंदूर ने LeT और जैश के इंफ्रास्ट्रक्चर को कमजोर किया, लेकिन रऊफ जैसे कमांडर अब भी सक्रिय हैं—हाल ही में बहावलपुर में LeT-जैश की गुप्त बैठक हुई।
संक्षेप में, हाफिज अब्दुल रऊफ का यह कुबूलनामा भारत के ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है—LeT का मुख्यालय ध्वस्त, लेकिन आतंकी अभी भी धमकी दे रहे हैं। “अल्लाह ने बचा लिया” कहकर रऊफ ने हमले की गंभीरता मानी, लेकिन बदला लेने की बात भी की। क्या पाकिस्तान अब भी आतंकियों को शेल्टर देगा? सवाल बरकरार!
