KGMU धर्मांतरण मामले से जुड़े दिल्ली ब्लास्ट केस के तार: बड़ा खुलासा, आरोपी डॉक्टरों का कॉलेज कनेक्शन और PFI लिंक
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में जबरन धर्मांतरण, यौन शोषण और लव जिहाद केस ने अब आतंकी कनेक्शन का रूप ले लिया है। जांच एजेंसियों (UP STF, ATS और लखनऊ पुलिस) को सबसे बड़ा खुलासा दिल्ली ब्लास्ट (रेड फोर्ट के पास 10/11 नवंबर 2025 का कार बम ब्लास्ट) से जुड़ा मिला है। मुख्य आरोपी डॉ. रमीज मलिक (रमीज उद्दीन नायक) और दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी डॉ. परवेज अंसारी (डॉ. शाहीन के भाई) के बीच पुराना कॉलेज कनेक्शन सामने आया है।
क्या है पूरा कनेक्शन?
रमीज मलिक: KGMU में रेजिडेंट डॉक्टर, दिसंबर 2025 में एक महिला MD स्टूडेंट ने उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई—आरोप था कि उसने शादी के बहाने यौन शोषण किया, जबरन धर्मांतरण का दबाव डाला, गर्भपात करवाया और आत्महत्या की कोशिश करवाई। रमीज 18 दिन फरार रहा, 9 जनवरी 2026 को गिरफ्तार हुआ। उसका 50 हजार का इनामी था।
दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन: रमीज ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसका संपर्क दिल्ली ब्लास्ट की आरोपी डॉ. शाहीन से था। दोनों एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस में मिले थे। शाहीन के भाई परवेज अंसारी (दिल्ली ब्लास्ट में आरोपी) और रमीज एक ही समय पर आगरा के SN मेडिकल कॉलेज में पढ़े थे। दोनों क्लासमेट थे, मुलाकात हुई थी और एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया था (“इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप”) जिसमें मुस्लिम मेडिकल स्टूडेंट्स को जोड़ा गया।
PFI और विदेशी लिंक: रमीज फरारी के दौरान प्रतिबंधित PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के पदाधिकारियों से संपर्क में था। उसके फोन से PFI लिंक, विदेशी संपर्क और चैट्स मिले। रमीज के पिता सलीमुद्दीन (जिन्हें दो बार PFI ने सम्मानित किया) पर भी आरोप हैं कि उन्होंने बेटे को इस रैकेट में शामिल किया। जांच में विदेश यात्राओं की जांच हो रही है।
केस की जांच अब STF के हाथ में
KGMU में एक महिला स्टूडेंट ने 17 दिसंबर 2025 को आत्महत्या की कोशिश की, जिसके बाद Vishakha कमिटी ने रमीज को दोषी पाया और कोर्स से बाहर किया।
STF ने जांच संभाली, रमीज के फोन डेटा रिकवरी, बैंक ट्रांजेक्शन (लाखों की फंडिंग) और अन्य डॉक्टरों/स्टाफ की भूमिका खंगाल रही है।
कुछ रिपोर्ट्स में KGMU को “स्लीपर सेल” या “लव जिहाद फैक्ट्री” कहा जा रहा है, लेकिन पुलिस इसे संगठित रैकेट मान रही है।
सियासी और सोशल इंपैक्ट
CM योगी आदित्यनाथ ने KGMU VC से मुलाकात की और STF जांच को सपोर्ट किया।
डॉक्टर्स एसोसिएशन और हिंदू संगठनों ने विरोध किया, कैंपस पर भगदड़ मची।
दिल्ली ब्लास्ट (रेड फोर्ट के पास, कई मौतें) के आरोपी शाहीन और परवेज पहले से गिरफ्तार हैं।
संक्षेप में, KGMU धर्मांतरण केस अब सिर्फ यौन शोषण नहीं रहा—इसके तार दिल्ली ब्लास्ट, PFI और बड़े नेटवर्क से जुड़ते दिख रहे हैं। STF की जांच से और बड़े खुलासे की उम्मीद है। क्या मेडिकल कैंपस में छिपा था आतंकी एंगल? जांच जारी!
