बीजेपी अध्यक्ष चुनाव: नितिन नबीन के नामांकन में प्रस्तावक बनेंगे पीएम मोदी, निर्विरोध चुने जाने की संभावना!
बीजेपी अध्यक्ष चुनाव: नितिन नबीन के नामांकन में प्रस्तावक बनेंगे पीएम मोदी, निर्विरोध चुने जाने की संभावना!
नई दिल्ली, 14 जनवरी 2026: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में बड़ा अपडेट आया है। बिहार के विधायक और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन (Nitin Nabin) को इस पद के लिए मुख्य दावेदार माना जा रहा है, और सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनके नामांकन के प्रस्तावक होंगे। पार्टी सूत्र बताते हैं कि यह चुनाव निर्विरोध होगा, क्योंकि नितिन नबीन के अलावा कोई अन्य नेता मैदान में नहीं उतर रहा। चुनाव प्रक्रिया 15 जनवरी को दिल्ली में शुरू होगी, जहां सभी प्रमुख नेता बुलाए गए हैं।
नितिन नबीन का सफर: बिहार से राष्ट्रीय स्तर तक
45 वर्षीय नितिन नबीन बिहार के पटना जिले के बांकीपुर से चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। वे भाजपा के दिग्गज नेता नवीन किशोर सिन्हा के बेटे हैं और कायस्थ समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। दिसंबर 2025 में उन्हें जेपी नड्डा के बाद राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, जिसके बाद उन्होंने बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री का पद छोड़ दिया। नितिन नबीन को संगठनात्मक कुशलता के लिए जाना जाता है—उन्होंने 2020 विधानसभा चुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा को हराया था। वे भाजयुमो (BJYM) के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं।
चुनाव प्रक्रिया: 18-20 जनवरी तक पूरा होगा
बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने नितिन नबीन को युवा और ऊर्जावान नेता बताते हुए उनका नाम आगे किया है। चुनाव के लिए 15 जनवरी को दिल्ली में सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं की बैठक बुलाई गई है। नामांकन 16 जनवरी तक होंगे, और अगर कोई विरोधी उम्मीदवार नहीं आया तो 18-20 जनवरी के बीच नितिन नबीन को निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है। पीएम मोदी के प्रस्तावक बनने से यह स्पष्ट है कि केंद्रीय नेतृत्व का पूरा समर्थन नितिन नबीन को है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला पार्टी में ‘नई पीढ़ी’ को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है—जैसे अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के बाद अब तीसरी पीढ़ी का उभार।
पार्टी में उत्साह, विपक्ष की प्रतिक्रिया
बीजेपी कार्यकर्ताओं में इस खबर से उत्साह है। नितिन नबीन ने X पर पोस्ट कर कहा, “पार्टी का हर कार्यकर्ता राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच सकता है—यह भाजपा की ताकत है।” वहीं, विपक्षी नेता जैसे आरजेडी के तेजस्वी यादव ने तंज कसा कि “बीजेपी में चुनाव सिर्फ दिखावा है, फैसले ऊपर से आते हैं।” लेकिन भाजपा ने इसे आंतरिक लोकतंत्र का उदाहरण बताया।
यह चुनाव 2029 लोकसभा चुनावों से पहले महत्वपूर्ण है, क्योंकि नितिन नबीन की नियुक्ति से बिहार और उत्तर भारत में पार्टी की पकड़ मजबूत हो सकती है। क्या यह निर्विरोध होगा? 15 जनवरी की बैठक से साफ होगा।
