क्या -40 नंबर पर भी मिलेगा NEET PG में एडमिशन? जानिए नई कट-ऑफ का पूरा मतलब
क्या -40 नंबर पर भी मिलेगा NEET PG में एडमिशन? जानिए नई कट-ऑफ का पूरा मतलब
हां, SC, ST और OBC कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए अब -40 मार्क्स (800 में से नेगेटिव स्कोर) पर भी NEET PG 2025 काउंसलिंग में हिस्सा लेने की पात्रता मिल गई है। यह NEET PG 2025 (2025-26 सेशन) के लिए तीसरे राउंड काउंसलिंग से पहले क्वालिफाइंग कट-ऑफ को काफी कम करने का फैसला है, जिसे NBEMS (National Board of Examinations in Medical Sciences) ने 13 जनवरी 2026 को नोटिफाई किया।
यह बदलाव खाली PG मेडिकल सीटों (MD/MS/DNB) को भरने के लिए किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राउंड-2 के बाद 9,000 से 18,000 तक सीटें खाली रह गई थीं, और डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार ने कट-ऑफ कम करने का फैसला लिया।
नई रिवाइज्ड कट-ऑफ (काउंसलिंग के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल और स्कोर):
General / EWS: पहले 50th percentile → अब 7th percentile (स्कोर: 103)
General PwBD: पहले 45th percentile → अब 5th percentile (स्कोर: 90)
SC / ST / OBC (PwBD सहित): पहले 40th percentile → अब 0th percentile (स्कोर: -40)
क्या -40 पर एडमिशन मिल जाएगा?
क्वालिफाइंग तो हो जाएगा (यानी काउंसलिंग में रजिस्टर और चॉइस फिल कर सकते हैं), लेकिन एडमिशन रैंक, मेरिट लिस्ट, उपलब्ध सीट्स और कैटेगरी के आधार पर मिलेगा।
NEET PG रैंक और मेरिट लिस्ट बिल्कुल नहीं बदली है—वही रहेगी जो 19 अगस्त 2025 को जारी हुई थी।
-40 स्कोर वाले कैंडिडेट्स की रैंक बहुत नीचे होगी, इसलिए उन्हें केवल बहुत कम डिमांड वाली ब्रांच (जैसे कुछ क्लिनिकल नॉन-क्लिनिकल स्पेशलाइजेशन) या प्राइवेट कॉलेज में ही चांस मिल सकता है, वो भी अगर सीट खाली रह गई।
सरकारी कॉलेजों में टॉप रैंकर्स को ही प्राथमिकता मिलती है, इसलिए -40 स्कोर वाले के लिए सरकारी सीट मिलना मुश्किल है।
यह फैसला क्यों लिया गया?
NEET PG में नेगेटिव मार्किंग है (गलत जवाब पर -1), इसलिए बहुत कम अटेम्प्ट करने पर भी स्कोर नेगेटिव हो सकता है।
हजारों सीटें खाली रहने से PG ट्रेनिंग और हेल्थकेयर सिस्टम पर असर पड़ता है—खासकर सरकारी हॉस्पिटल्स में रेजिडेंट डॉक्टर्स की कमी होती है।
पिछले साल भी राउंड-3 में कट-ऑफ कम की गई थी, लेकिन इस बार SC/ST/OBC के लिए 0 तक पहुंच गई।
क्रिटिसिज्म और रिएक्शन:
मेडिकल कम्युनिटी (FAIMA, डॉक्टर्स) ने इसे मेरिट का अपमान बताया है। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि “माइनस स्कोर पर डॉक्टर बनना” स्टैंडर्ड्स को कमजोर करेगा।
लेकिन सरकार का कहना है कि NEET PG सिर्फ रैंकिंग के लिए है, MBBS पास डॉक्टर्स की कंपिटेंस पहले ही चेक हो चुकी है।
क्या करें अगर आपका स्कोर कम है?
MCC (mcc.nic.in) पर राउंड-3 शेड्यूल चेक करें—जल्द ही शुरू होगा।
अगर कैटेगरी SC/ST/OBC है और -40 तक स्कोर है, तो काउंसलिंग में रजिस्टर करें, लेकिन रियलिस्टिक चॉइस रखें।
प्राइवेट/डिम्ड यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट कोटा या स्टेट काउंसलिंग में चांस ज्यादा हो सकता है।
यह बदलाव सिर्फ NEET PG 2025 (2025-26 सेशन) के लिए है—2026 एग्जाम के लिए अभी पुरानी कट-ऑफ (50th/40th) ही लागू होगी जब तक कोई नया नोटिफिकेशन न आए।
अगर आपका स्कोर क्या है या कैटेगरी बताएं, तो ज्यादा डिटेल्ड एडवाइस दे सकता हूं। क्या आपके साथ ऐसा कोई केस है? कमेंट में बताएं!
