PFI लिंक, विदेशी संपर्क और दिल्ली ब्लास्ट… KGMU धर्मांतरण केस में नया मोड़, पुलिस को मिले अहम सबूत
PFI लिंक, विदेशी संपर्क और दिल्ली ब्लास्ट… KGMU धर्मांतरण केस में नया मोड़, पुलिस को मिले अहम सबूत
लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में चल रहे धर्मांतरण, यौन शोषण और ‘लव जिहाद’ केस ने अब आतंकी कनेक्शन की तरफ मोड़ ले लिया है। आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक (रमीजुद्दीन नायक) की गिरफ्तारी के बाद यूपी पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को चौंकाने वाले सबूत मिले हैं। जांच में PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से लिंक, विदेशी संपर्क और दिल्ली ब्लास्ट केस की आरोपी डॉक्टर शाहीन सईद से संबंध सामने आए हैं।
क्या हैं नए सबूत?
PFI कनेक्शन: रमीज के मोबाइल डेटा, चैट और कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि फरारी के दौरान (23 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक) उसका संपर्क प्रतिबंधित PFI के पदाधिकारियों से था। PFI से कानूनी मदद मांगी गई। रमीज के पिता सलीमुद्दीन नायक को PFI ने दो बार सम्मानित किया था, और PFI के सदस्य KGMU में उससे मिलते थे।
दिल्ली ब्लास्ट लिंक: रमीज ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसका संपर्क दिल्ली ब्लास्ट (रेड फोर्ट ब्लास्ट) केस की आरोपी डॉक्टर शाहीन सईद से था। दोनों की मुलाकातें डॉक्टरों की कॉन्फ्रेंस में हुईं, बाद में चैट और कॉल जारी रहे। शाहीन पहले ही गिरफ्तार है। ATS ने इस इनपुट पर जांच तेज कर दी है।
विदेशी संपर्क: रमीज की पुरानी विदेश यात्राओं (आगरा पढ़ाई और लखनऊ जॉब के दौरान) की जांच हो रही है। पासपोर्ट और यात्रा विवरण खंगाले जा रहे हैं ताकि विदेशी फंडिंग या संपर्कों का पता लगे। फरारी के दौरान लाखों रुपये की फंडिंग बाहर से आई, जिससे मददगारों की तलाश में दिल्ली, उत्तराखंड और यूपी के कई जिलों में छापेमारी हो रही है।
नेटवर्क का दायरा: पुलिस का मानना है कि KGMU में धर्मांतरण नेटवर्क सिर्फ रमीज तक सीमित नहीं। दो महिला स्टाफ और एक डॉक्टर भी शामिल हो सकते हैं। कुछ विभागाध्यक्षों की भूमिका भी रडार पर। केस को ‘लव जिहाद फैक्ट्री’ बताया जा रहा है, जहां हिंदू महिलाओं को टारगेट किया जाता था।
जांच की स्थिति
केस अब यूपी STF को सौंप दिया गया है। CM योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर STF टीम KGMU पहुंची और रिकॉर्ड जांच रही है।
रमीज को लखनऊ पुलिस कस्टडी में रखा गया है। मोबाइल डेटा रिकवरी जारी है, जिसमें और सुराग मिलने की उम्मीद।
KGMU में हंगामा: महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने VC पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया, जिससे परिसर में विरोध प्रदर्शन हुए। डॉक्टरों ने OPD बंद करने की धमकी दी थी, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में।
यह केस अब सिर्फ व्यक्तिगत अपराध नहीं रहा – PFI के ‘घोस्ट नेटवर्क’ (बैन के बाद अंडरग्राउंड ऑपरेशन) और संभावित आतंकी लिंक की जांच हो रही है। एजेंसियां मान रही हैं कि मेडिकल पेशे की आड़ में बड़ा नेटवर्क चल सकता था। स्थिति संवेदनशील है, और आगे बड़े खुलासे हो सकते हैं। अपडेट्स के लिए नजर रखें।
