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फिर टली बात… ट्रंप की नई टैरिफ धमकी के बीच भारत-US ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट: क्या 75% टैरिफ का डर सता रहा है? बाजार में तूफानी तेजी के बाद धड़ाम!

फिर टली बात… ट्रंप की नई टैरिफ धमकी के बीच भारत-US ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट: क्या 75% टैरिफ का डर सता रहा है? बाजार में तूफानी तेजी के बाद धड़ाम!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार टैरिफ धमकियों से भारत-US ट्रेड डील फिर टल गई है। कल (12 जनवरी) ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया, जो “तुरंत प्रभावी” है। भारत, ईरान के टॉप ट्रेडिंग पार्टनर्स में शामिल होने के कारण, पहले से 50% टैरिफ (रूसी तेल खरीद पर 25% पेनल्टी + रेसिप्रोकल 25%) झेल रहा है। नया 25% जुड़ने से कुल टैरिफ 75% तक पहुंच सकता है – यह दुनिया में किसी भी देश पर सबसे ज्यादा है!

ट्रंप का नया ऐलान और 75% टैरिफ का डर

ट्रंप ने Truth Social पर लिखा: “Effective immediately, any country doing business with the Islamic Republic of Iran will pay a Tariff of 25% on any and all business being done with the United States of America. This Order is final and conclusive.”

भारत ईरान से केमिकल्स, फ्रूट्स आदि आयात करता है (2024-25 में $1.68 बिलियन ट्रेड), और चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट भी प्रभावित हो सकता है।

पहले से रूसी तेल खरीद पर 50% टैरिफ है। अब ईरान लिंक से 75% का खतरा – कई एक्सपर्ट्स इसे “ट्रंप की प्रेशर टैक्टिक” बता रहे हैं ताकि भारत ट्रेड डील पर झुक जाए।

US कमर्श सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने कहा था कि डील इसलिए टली क्योंकि PM मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया। भारत ने इसे खारिज किया है।

ट्रेड डील पर अपडेट: फिर टली, लेकिन उम्मीद बाकी

नई US एंबेसडर Sergio Gor ने कहा: “No country more essential than India” और अगला कॉल कल (14 जनवरी?) पर होगा। लेकिन ट्रंप की ईरान टैरिफ घोषणा से बातचीत प्रभावित हुई।

दोनों पक्ष महीनों से बात कर रहे हैं, लेकिन रूसी तेल, टैरिफ रिलीफ और अन्य मुद्दों पर अड़चन है। ट्रंप ने पहले 500% टैरिफ बिल (रूसी तेल खरीदने वालों पर) को ग्रीनलाइट किया था, जो भारत-चीन-ब्राजील को टारगेट करता है।

भारत ने कहा: हम बाइलेटरल ट्रेड पैक्ट के लिए कमिटेड हैं, लेकिन संप्रभुता पर समझौता नहीं।

बाजार में तूफानी तेजी के बाद धड़ाम: क्यों गिरा?

ट्रंप की ईरान टैरिफ घोषणा से ग्लोबल अनिश्चितता बढ़ी। भारतीय बाजार में पहले रिकवरी दिखी (कुछ सेशन में तेजी), लेकिन नई धमकी से फिर बिकवाली।

हाल के दिनों में Nifty/Sensex 1-2% गिर चुके हैं (8-9 जनवरी को 500% रूसी तेल बिल पर सबसे ज्यादा गिरावट)। IT, ऑयल एंड गैस, मेटल सेक्टर्स सबसे ज्यादा प्रभावित।

FIIs ने जनवरी में $900 मिलियन+ शेयर्स बेचे। Reliance जैसी कंपनियां 2-3% टूट रही हैं।

एक्सपर्ट्स कहते हैं: 75% टैरिफ अगर लागू हुआ तो एक्सपोर्ट्स (टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटो) पर बड़ा असर, लेकिन भारत रूस से तेल खरीद कम कर रहा है – इससे कुछ राहत मिल सकती है।

यह स्थिति बेहद नाजुक है। ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति से ट्रेड वॉर बढ़ सकता है, लेकिन भारत-US रिश्ते मजबूत हैं – डील जल्द हो सकती है। अपडेट्स के लिए नजर रखें। क्या आपको लगता है भारत झुकेगा या मजबूत रहेगा? कमेंट्स में बताएं!

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