₹2,742 करोड़ के घोटाले से जुड़ी थी रेड, हवाला के 20 करोड़ I-PAC को मिले: SC में ED के ममता पर गंभीर आरोप!
₹2,742 करोड़ के घोटाले से जुड़ी थी रेड, हवाला के 20 करोड़ I-PAC को मिले: SC में ED के ममता पर गंभीर आरोप!
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ED का दावा है कि 8 जनवरी 2026 को कोलकाता में I-PAC (Indian Political Action Committee) ऑफिस और इसके डायरेक्टर प्रतिक जैन के घर पर की गई रेड ₹2,742 करोड़ के कोयला घोटाले से जुड़ी थी। एजेंसी का कहना है कि घोटाले की रकम से ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC को ट्रांसफर किए गए, जो TMC की चुनावी रणनीति के लिए इस्तेमाल हुए। ED ने ममता पर रेड में दखल देने, दस्तावेज जब्त करने और जांच रोकने का आरोप लगाया है, और इसके लिए CBI जांच की मांग की है।
ED के आरोपों का पूरा ब्योरा (कलकत्ता HC और SC में पिटीशन से)
कोयला घोटाला: ED के मुताबिक, 2017 से 2020 के बीच पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन से ₹2,742 करोड़ का नुकसान हुआ। इसमें ECL (Eastern Coalfields Limited) की माइंस से चोरी का कोयला शामिल था।
हवाला ट्रांसफर: ED का दावा है कि घोटाले की रकम से ₹20 करोड़ मुंबई की ‘अंगड़िया’ फर्म और ‘आर कांतिलाल’ जैसे हवाला चैनलों से कोलकाता से गोवा ट्रांसफर किए गए। ये पैसे I-PAC की 2021-22 गोवा चुनावी ऑपरेशंस के लिए इस्तेमाल हुए (TMC ने गोवा में चुनाव लड़ा था)।
ममता का दखल: ED ने SC में कहा कि रेड के दौरान ममता बनर्जी खुद I-PAC ऑफिस पहुंचीं, राज्य पुलिस की मदद से दस्तावेज और डिजिटल डिवाइसेज “जबरन” ले लीं। इससे जांच प्रभावित हुई और ED अधिकारियों पर दबाव पड़ा। ED ने इसे “राजनीतिक हस्तक्षेप” बताया और CBI जांच की मांग की।
कलकत्ता HC में क्या हुआ?: 9 जनवरी को ED ने HC में पिटीशन दाखिल की, लेकिन सुनवाई में हंगामा हुआ। HC ने सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी। ED ने HC में भी CBI जांच मांगी, लेकिन अब SC पहुंच गई है।
बंगाल सरकार की प्रतिक्रिया: ममता सरकार ने SC में कैविएट फाइल किया, ताकि ED की पिटीशन पर एकतरफा सुनवाई न हो। ममता ने ED को “बीजेपी का हथियार” बताया और अमित शाह को “नापाक गृह मंत्री” कहा। TMC ने दिल्ली में ED ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया, जहां 8 MP गिरफ्तार हुए।
राजनीतिक बैकग्राउंड और असर
I-PAC का रोल: I-PAC प्रतीक जैन के नेतृत्व में TMC की चुनावी स्ट्रैटेजी हैंडल करता है। 2021 बंगाल चुनावों में I-PAC की बड़ी भूमिका थी। ED का कहना है कि I-PAC को घोटाले के पैसे मिले, जिससे TMC की इमेज पर सवाल उठ रहे हैं।
बीजेपी का हमला: विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता को लीगल नोटिस भेजा, कोयला घोटाले में अमित शाह को फंसाने के आरोप पर सबूत मांगे। BJP इसे “TMC की भ्रष्टाचार की सच्चाई” बता रही है।
पिछले आरोप: 2023 में तेलुगु देशम पार्टी ने YSRCP पर I-PAC को ₹274 करोड़ देने का आरोप लगाया था। अब ये कोल स्कैम से जुड़ा है, जो दिल्ली शराब घोटाले से भी लिंक हो सकता है।
TMC का बचाव: ममता ने कहा कि ED TMC को टारगेट कर रही है, क्योंकि बंगाल में BJP हार रही है। उन्होंने रेड को “असंवैधानिक” बताया और केंद्र पर हमला किया।
ये मामला 2026 लोकसभा चुनावों से पहले TMC के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। SC में सुनवाई कब होगी, ये देखना बाकी है। ED ने कहा है कि जांच जारी रहेगी, और ज्यादा रेड्स संभव हैं।
आप क्या सोचते हैं — ये राजनीतिक साजिश है या असली घोटाला? कमेंट में बताएं!
