ईरान में खून-खराबा बढ़ा… 84 घंटे से इंटरनेट बंद, खामेनेई प्रशासन प्रदर्शनों को कुचलने में जुटा!
ईरान में खून-खराबा बढ़ा… 84 घंटे से इंटरनेट बंद, खामेनेई प्रशासन प्रदर्शनों को कुचलने में जुटा!
ईरान में विरोध प्रदर्शन अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुके हैं, और स्थिति और खतरनाक हो गई है। दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए आर्थिक संकट (महंगाई, करेंसी क्रैश, बिजली-पानी की कटौती) से भड़के प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं, और लोग सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के इस्तीफे और इस्लामिक रिपब्लिक के खात्मे की मांग कर रहे हैं। स्लोगन जैसे “Death to Khamenei”, “Death to the Dictator” और “Long live the Shah” हर जगह गूंज रहे हैं।
इंटरनेट ब्लैकआउट का रिकॉर्ड समय: 8 जनवरी 2026 से लगभग 84 घंटे (3.5 दिन) से ज्यादा का नेशनवाइड इंटरनेट और फोन ब्लैकआउट जारी है। NetBlocks के अनुसार, कनेक्टिविटी सिर्फ 1% बची है। सरकार ने Starlink सैटेलाइट इंटरनेट को भी मिलिट्री-ग्रेड जैमर से ब्लॉक करने की कोशिश की है। इसका मकसद: प्रदर्शनकारियों का कोऑर्डिनेशन रोकना और दुनिया से हिंसा की खबरें छिपाना। लेकिन कुछ वीडियो और रिपोर्ट्स Starlink या अन्य तरीकों से बाहर आ रही हैं।
खामेनेई का सख्त रुख: सुप्रीम लीडर खामेनेई ने 9 जनवरी को टीवी पर स्पीच में प्रदर्शनकारियों को “vandals”, “saboteurs” और अमेरिका-इजराइल के एजेंट बताया। उन्होंने कहा, “हम पीछे नहीं हटेंगे”। पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने मौत की सजा की धमकी दी है। IRGC (रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स) ने प्रदर्शनों को “12-दिन के इजराइल-अमेरिका युद्ध का एक्सटेंशन” बताया और विदेशी “टेररिस्ट्स” पर आरोप लगाया।
हिंसा और मौतें:
ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स (Hengaw, HRANA, Amnesty) के अनुसार, 28 दिसंबर से अब तक सैकड़ों (कुछ रिपोर्ट्स में 500+ तक) प्रदर्शनकारी मारे गए, हजारों घायल और गिरफ्तार।
सिक्योरिटी फोर्सेस ने लाइव फायर, टियर गैस और बल प्रयोग किया। कई शहरों (तेहरान, मशहद, शिराज, इस्फहान, जैदन) में अस्पतालों में “सैकड़ों बॉडीज” की रिपोर्ट्स।
IRGC मीडिया ने दावा किया कि 100+ सिक्योरिटी पर्सनल मारे गए, जो किसी भी पिछले प्रदर्शन से ज्यादा है।
प्रदर्शनकारी बसें, सरकारी बिल्डिंग्स, IRIB ऑफिस और खामेनेई की तस्वीरें जला रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हिंसा हुई तो US “help” करेगा (मिलिट्री ऑप्शंस पर विचार)। ट्रंप ने Elon Musk से Starlink रिस्टोर करने की बात की।
यूरोपीय देशों (फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी) ने हिंसा की निंदा की।
UN और Nobel विजेता Shirin Ebadi ने “massacre” की चेतावनी दी।
क्या होगा आगे? प्रदर्शन अब रिजीम चेंज की मांग पर अटके हैं। इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद लोग सड़कों पर हैं। अगर हिंसा बढ़ी तो इंटरनेशनल इंटरवेंशन (खासकर US) की आशंका है। ईरान की सियासत और अर्थव्यवस्था पहले से कमजोर है — ये प्रदर्शन 2022 के Woman Life Freedom मूवमेंट से भी बड़ा लग रहा है!
आप क्या सोचते हैं — क्या खामेनेई रिजीम गिरेगा या क्रैकडाउन कामयाब होगा? कमेंट में बताएं।
