‘BJP हो या अजित पवार, एकनाथ शिंदे, सब आपको डराकर वोट लेना चाहते हैं’… ओवैसी की मुसलमानों से जोरदार अपील!
‘BJP हो या अजित पवार, एकनाथ शिंदे, सब आपको डराकर वोट लेना चाहते हैं’… ओवैसी की मुसलमानों से जोरदार अपील!
महाराष्ट्र में निकाय चुनावों (जैसे नागपुर, अकोला, धुले, सोलापुर आदि) की सरगर्मी के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों को अपनी राजनीतिक ताकत बनाने की अपील की है। 10 जनवरी 2026 को नागपुर में एक जनसभा में ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों में पॉलिटिकल एजेंसी (राजनीतिक शक्ति) की कमी है। उन्होंने चेतावनी दी: “अगर आप सिर्फ वोटर बने रहेंगे, तो घरों पर बुलडोजर चलता रहेगा, झूठे मुकदमे लगते रहेंगे, और शिक्षा से वंचित रहेंगे।”
ओवैसी ने स्पष्ट रूप से कहा:
“BJP हो, अजित पवार हो या एकनाथ शिंदे — सभी राजनीतिक पार्टियां आपको डराकर, डर दिखाकर आपके वोट हासिल करना चाहती हैं। कांग्रेस भी चाहती है कि आप सिर्फ वोटर बने रहें, ताकि कुछ हासिल न कर सको।”
ओवैसी की मुख्य बातें
मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि अपनी संगठित ताकत बनानी होगी।
डर की राजनीति से वोट लेने की कोशिश हो रही है — बुलडोजर, UAPA जैसे कानूनों का दुरुपयोग, हिंसा का मुद्दा।
AIMIM मुसलमानों को अपनी पॉलिटिकल एजेंसी बनाने की सलाह दे रही है, ताकि वे अधिकारों के लिए मजबूत आवाज उठा सकें।
ओवैसी ने महायुति (BJP + शिंदे + अजित पवार) के गठबंधन पर भी तंज कसा और वोट न देने की अपील की।
ये बयान महाराष्ट्र के सिविक पोल्स (15 जनवरी 2026 को कई जगहों पर) से ठीक पहले आया है, जहां AIMIM कई वार्डों में उम्मीदवार उतार रही है। ओवैसी ने साथ ही “हिजाब पहनने वाली बेटी एक दिन भारत की PM बनेगी” जैसे बयान भी दिए, जिस पर BJP ने तीखा पलटवार किया।
प्रतिक्रियाएं
BJP ने ओवैसी के बयानों को “जिम्मेदारी से परे” और “नफरत फैलाने वाला” बताया।
महायुति नेताओं ने इसे “वोट बैंक पॉलिटिक्स” करार दिया।
ओवैसी की ये अपील मुसलमानों को संगठित होने और डर की राजनीति से ऊपर उठने का संदेश दे रही है। महाराष्ट्र की सियासत में ये बयान काफी गूंज पैदा कर रहा है!
आप क्या सोचते हैं — ओवैसी की अपील सही है या राजनीतिक चाल? कमेंट में बताएं।
