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अंकिता भंडारी केस: उम्रकैद के बाद VIP कनेक्शन का तूफान, आखिर CBI जांच तक कैसे पहुंचा मामला?

देहरादून: उत्तराखंड का सबसे चर्चित और दुखद हत्याकांड – अंकिता भंडारी मर्डर केस – फिर से सुर्खियों में है। 2022 में 19 साल की रिसेप्शनिस्ट अंकिता की क्रूर हत्या के बाद तीन दोषियों को उम्रकैद मिल चुकी है, लेकिन जनवरी 2026 में वायरल ऑडियो-वीडियो और ‘VIP’ कनेक्शन के नए दावों ने पूरे राज्य को हिला दिया। जनता के गुस्से और परिवार की मांग के आगे झुकते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को CBI जांच की सिफारिश कर दी। आखिर कैसे पहुंचा ये केस CBI तक? पूरी टाइमलाइन और अंदरूनी कहानी यहां…

केस की शुरुआत: ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ से इनकार पर हत्या

18 सितंबर 2022: अंकिता भंडारी, जो पौड़ी जिले के यमकेश्वर में वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं, गायब हो गईं।

कारण: रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे) और उसके दो कर्मचारी सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता ने अंकिता पर किसी ‘VIP गेस्ट’ को सेक्सुअल सर्विस (एक्स्ट्रा सर्विस) देने का दबाव बनाया। अंकिता ने इनकार किया, जिसके बाद झगड़े में उन्हें नहर में धक्का दे दिया गया। उनकी लाश 24 सितंबर को मिली।

जांच में सामने आया कि अंकिता की आखिरी चैट्स में ‘VIP’ और ‘स्पेशल सर्विस’ का जिक्र था। रिजॉर्ट में सबूत मिटाने के लिए कैमरे हटाए गए, फोन रिकॉर्ड बदले गए, यहां तक कि रिजॉर्ट का कुछ हिस्सा JCB से ध्वस्त कर दिया गया।

SIT जांच और उम्रकैद का फैसला

राज्य सरकार ने तुरंत विशेष जांच दल (SIT) गठित किया, जिसकी अगुवाई महिला IPS अधिकारी ने की।

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

30 मई 2025: कोटद्वार की अपर जिला सत्र अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई। मां सोनी देवी ने कहा, “अधूरा न्याय मिला, मौत की सजा मिलनी चाहिए थी।”

जनवरी 2026 में नया तूफान: VIP एंगल और वायरल ऑडियो

दिसंबर 2025-जनवरी 2026: अभिनेत्री उर्मिला सनावर (पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी होने का दावा) ने सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो क्लिप जारी किए। इनमें कथित तौर पर राठौर से बातचीत में एक सीनियर BJP नेता (‘गट्टू’ या दुष्यंत गौतम) को ‘VIP’ बताया गया, जो घटना के दिन रिजॉर्ट में था।

ये क्लिप वायरल होने के बाद राज्य में भारी प्रदर्शन शुरू हो गए। कांग्रेस, UKD, महात्मा मंच और अन्य संगठनों ने ‘VIP’ की गिरफ्तारी और CBI जांच की मांग की।

पुलिस (हरिद्वार SP शेखर सुयाल) ने कहा कि जांच में कोई VIP नहीं मिला, लेकिन जनता ने इसे स्वीकार नहीं किया। दिल्ली हाईकोर्ट ने कुछ पोस्ट हटाने का आदेश दिया, लेकिन विवाद थमा नहीं।

पूर्व विधायक सुरेश राठौर से SIT ने 6 घंटे से ज्यादा पूछताछ की। उर्मिला ने नार्को टेस्ट के लिए तैयार होने का ऐलान किया।

जनता का गुस्सा और CBI जांच की सिफारिश

पूरे उत्तराखंड में प्रदर्शन, बंद का आह्वान (11 जनवरी को प्रस्तावित)।

अंकिता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में CBI जांच की मांग की, खासकर VIP एंगल पर फोकस करने की।

9 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए CBI जांच की सिफारिश कर दी। उन्होंने कहा, “दोषी कोई भी हो, पाताल से ढूंढ निकालेंगे। न्याय सुनिश्चित होगा।”

अब क्या?

CBI जांच से उम्मीद है कि VIP का सच सामने आएगा, सबूत मिटाने वाले अफसरों पर कार्रवाई होगी और अंकिता को पूरा न्याय मिलेगा। परिवार और जनता कह रही है – “अंकिता हमारी बेटी है, इंसाफ अधूरा नहीं रहना चाहिए।”

ये केस न सिर्फ एक हत्या का मामला है, बल्कि ताकत, राजनीति और महिलाओं की सुरक्षा का सवाल बन चुका है। CBI जांच के बाद क्या नए खुलासे होंगे? समय बताएगा।

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