उत्तराखंड

जॉर्ज एवरेस्ट पार्क: एंट्री फीस बरकरार, लेकिन सड़क पर टोल वसूली नहीं! उत्तराखंड हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी, पर्यटन विभाग को बड़ी राहत

जॉर्ज एवरेस्ट पार्क: एंट्री फीस बरकरार, लेकिन सड़क पर टोल वसूली नहीं! उत्तराखंड हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी, पर्यटन विभाग को बड़ी राहत

देहरादून/मसूरी: मसूरी के प्रसिद्ध जॉर्ज एवरेस्ट हाउस/एडवेंचर पार्क (George Everest Adventure Park) में सड़क पर टोल टैक्स वसूलने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पार्क में एंट्री फीस (प्रवेश शुल्क) वैध है और जारी रहेगी, लेकिन सार्वजनिक सड़क पर टोल वसूली नहीं की जा सकती। इस फैसले से उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) और लीजधारक कंपनी को बड़ी राहत मिली है, जबकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए भी स्पष्टता आई है।

यहां देखिए जॉर्ज एवरेस्ट पार्क के खूबसूरत नजारे और एंट्री गेट के कुछ शानदार विजुअल्स:

मामला क्या था?

पार्क 142 एकड़ में फैला है, जिसे UTDB ने उत्तर प्रदेश की एक निजी कंपनी को 1 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की दर से लीज पर दिया हुआ है।

याचिकाकर्ता (अधिवक्ता विनीता नेगी) ने आरोप लगाया था कि कंपनी लीज की शर्तों का उल्लंघन कर रही है और सार्वजनिक पुरानी सड़क पर अवैध टोल वसूल रही है, जो स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबारियों के हितों के खिलाफ है।

याचिका में हेलीपैड, हट्स, कैफे, संग्रहालय और वेधशाला को भी लीज पर देने का जिक्र था, साथ ही क्षेत्र मसूरी वन्यजीव अभयारण्य से सटे होने के कारण पर्यावरणीय चिंताएं उठाई गई थीं।

हाईकोर्ट ने मार्च 2025 में अंतरिम रोक लगाई थी, लेकिन जून 2025 तक सुनवाई में स्पष्ट किया कि प्रवेश शुल्क (एंट्री फीस) पर कोई रोक नहीं है, जबकि सड़क पर टोल अवैध है। अंततः याचिका खारिज कर दी गई।

कोर्ट का फैसला हाइलाइट्स

एंट्री फीस वैध और जारी रहेगी (पार्क के अंदर सुविधाओं के लिए)।

सड़क पर टोल नहीं वसूला जा सकता, क्योंकि यह सार्वजनिक रास्ता है।

कंपनी ने दावा किया था कि सड़क निजी है, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज किया।

पर्यटन विभाग को राहत: अब पार्क की लीज और एंट्री फीस पर कोई कानूनी अड़चन नहीं।

पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

जॉर्ज एवरेस्ट हाउस मसूरी से करीब 6 किमी दूर है, जहां से डून वैली और हिमालय के बर्फीले शिखरों का मनोरम नजरारा मिलता है।

यहां ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग और ऐतिहासिक महत्व है (सर्वेयर जनरल सर जॉर्ज एवरेस्ट का निवास स्थान)।

एंट्री फीस आमतौर पर ₹50-200 प्रति व्यक्ति (वाहन के अनुसार अलग-अलग) हो सकती है, लेकिन टोल अब नहीं लगेगा।

यह फैसला पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीयों को भी सुविधा प्रदान करेगा। मसूरी आने वाले पर्यटक अब बेफिक्र होकर इस खूबसूरत जगह का मजा ले सकेंगे!

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