अटलांटिक में ट्रंप की लगातार तीसरी ‘स्ट्राइक’! अमेरिकी नेवी ने कैरिबियन में जब्त किया एक और ऑयल टैंकर ‘ओलीना’
अटलांटिक में ट्रंप की लगातार तीसरी ‘स्ट्राइक’! अमेरिकी नेवी ने कैरिबियन में जब्त किया एक और ऑयल टैंकर ‘ओलीना’
वाशिंगटन/कैरिबियन सागर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला तेल नियंत्रण अभियान में नई कड़ी जुड़ गई है। अमेरिकी बलों ने आज (9 जनवरी 2026) कैरिबियन सागर में मोटर टैंकर ‘ओलीना’ (Olina) को जब्त कर लिया। यह ट्रंप प्रशासन की लगातार तीसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसका उद्देश्य वेनेजुएला के प्रतिबंधित तेल निर्यात को पूरी तरह रोकना और अमेरिकी नियंत्रण स्थापित करना है।
US Southern Command ने पुष्टि की कि Joint Task Force Southern Spear के मरीन और नेवी के जवान USS Gerald R. Ford से लॉन्च होकर प्री-डॉन ऑपरेशन में ‘ओलीना’ पर चढ़े और बिना किसी घटना के इसे कब्जे में ले लिया। टैंकर तिमोर-लेस्ते के फर्जी झंडे तले चल रहा था और वेनेजुएला से तेल लोड कर अवैध रूप से निर्यात करने की कोशिश कर रहा था।
यहां देखिए जब्ती अभियान के दौरान की कुछ प्रमुख तस्वीरें और विजुअल्स:
हाल की जब्तियां: ट्रंप की ‘स्ट्राइक’ सीरीज
9 जनवरी 2026: ‘ओलीना’ (Olina) – कैरिबियन सागर में जब्त, वेनेजुएला क्रूड से लदा।
7 जनवरी 2026: ‘मारिनेरा’ (Marinera, पूर्व नाम Bella 1) – उत्तरी अटलांटिक (आइसलैंड-स्कॉटलैंड के बीच), रूसी झंडे तले, दो हफ्ते की पीछा के बाद जब्त। रूस ने पनडुब्बी और नौसैनिक जहाज भेजे थे।
7 जनवरी 2026: ‘M/T सोफिया’ (M/T Sophia) – कैरिबियन सागर में, “स्टेटलेस डार्क फ्लीट” टैंकर, लगभग 2 मिलियन बैरल वेनेजुएला तेल लदा।
यह कुल पांचवीं जब्ती है दिसंबर 2025 से शुरू हुए अभियान में। ट्रंप ने इसे “Operation Southern Spear” का हिस्सा बताया है, जिसमें अमेरिका वेनेजुएला के तेल को “अमेरिकी नियंत्रण” में ले रहा है। ट्रंप ने कहा है कि जब्त तेल बेचकर या रखकर अमेरिका फायदा उठाएगा।
ट्रंप का लक्ष्य और वैश्विक तनाव
ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ये कार्रवाई वेनेजुएला के तेल को “अवैध” तरीके से चीन, रूस और अन्य देशों तक पहुंचने से रोकने के लिए है। निकोलस मैडुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने घोषणा की थी कि वेनेजुएला 30-50 मिलियन बैरल तेल अमेरिका को सौंपेगा।
रूस ने ‘मारिनेरा’ जब्ती को “समुद्री डकैती” बताया और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा। ईरान और वेनेजुएला ने भी निंदा की। हालांकि, अमेरिका इसे “सैंक्शंस एनफोर्समेंट” बता रहा है।
ट्रंप ने कहा: “अपराधी भाग सकते हैं, लेकिन छिप नहीं सकते।” क्या यह अभियान और तेज होगा या रूस-चीन के साथ टकराव बढ़ेगा? वैश्विक बाजार और भू-राजनीति पर नजर रखिए!
