राजनीति

महाराष्ट्र में BJP की किरकिरी: कांग्रेस और AIMIM से स्थानीय गठबंधन कुछ घंटों में टूटा, विधायक को नोटिस

महाराष्ट्र में BJP की किरकिरी: कांग्रेस और AIMIM से स्थानीय गठबंधन कुछ घंटों में टूटा, विधायक को नोटिस

मुंबई, 7 जनवरी 2026: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के बाद BJP के दो अलग-अलग जगहों पर कांग्रेस और AIMIM से गठबंधन करने की खबर ने राजनीतिक हलचल मचा दी। अंबरनाथ नगर परिषद में BJP ने कांग्रेस के साथ और अकोट में AIMIM के साथ सत्ता हासिल करने के लिए हाथ मिलाया, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सख्त रुख के बाद ये गठबंधन महज कुछ घंटों में ही टूट गए। BJP ने अकोट के विधायक प्रकाश भारसाखले को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

क्या हुआ था?

अंबरनाथ नगर परिषद (ठाणे जिला): हाल के निकाय चुनावों के बाद BJP ने अपने कट्टर विरोधी कांग्रेस और अजित पवार की NCP के साथ ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी’ बनाकर गठबंधन किया। इसका मकसद सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को सत्ता से बाहर रखना था। BJP की तेजश्री करंजुले पाटील को अध्यक्ष चुना गया।

अकोट नगर परिषद (अकोला जिला): यहां BJP ने असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM के साथ ‘अकोट विकास मंच’ बनाया। BJP को 11 सीटें मिली थीं, जबकि AIMIM को 5। इस गठबंधन से BJP की माया धुले मेयर बनीं।

ये दोनों गठबंधन स्थानीय नेताओं की पहल पर बने, बिना राज्य नेतृत्व की मंजूरी के।

फडणवीस का सख्त रुख:

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दोनों गठबंधनों को “अस्वीकार्य” बताते हुए तुरंत तोड़ने के आदेश दिए। उन्होंने कहा, “कांग्रेस या AIMIM के साथ कोई गठबंधन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसी स्थानीय नेता ने खुद ऐसा फैसला लिया तो यह अनुशासनहीनता है और सख्त कार्रवाई होगी।”

BJP प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने अकोट विधायक प्रकाश भारसाखले को नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया कि AIMIM से गठबंधन ने पार्टी की नीति और छवि को नुकसान पहुंचाया है।

अंबरनाथ में भी गठबंधन तोड़ दिया गया। कांग्रेस ने भी अपने 12 पार्षदों और स्थानीय अध्यक्ष को निलंबित कर दिया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:

शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक बालाजी किनिकर ने इसे “अशोभनीय गठबंधन” और “गठबंधन धर्म का विश्वासघात” बताया। उन्होंने BJP के ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ नारे पर तंज कसा।

शिवसेना (UBT) के संजय राउत ने BJP को “दोमुंहा सांप” कहा और AIMIM को BJP की ‘B टीम’ करार दिया।

AIMIM ने भी स्पष्ट किया कि पार्टी BJP से कोई गठबंधन नहीं कर रही। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि AIMIM के पार्षदों ने पार्टी छोड़ दी, लेकिन AIMIM ने इसे खारिज किया।

यह मामला महायुति गठबंधन (BJP, शिंदे सेना, अजित NCP) में दरार की आशंका पैदा कर रहा है। स्थानीय सत्ता की चाह में विचारधारा से समझौता करने के आरोपों से BJP को काफी किरकिरी झेलनी पड़ी। आने वाले दिनों में और कार्रवाई की संभावना है।

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