उत्तरकाशी में दो अलग-अलग आग की घटनाएं: 14 पशु जिंदा जलकर मरे, जल संस्थान स्टोर में प्लास्टिक पाइप्स भस्म
उत्तरकाशी में दो अलग-अलग आग की घटनाएं: 14 पशु जिंदा जलकर मरे, जल संस्थान स्टोर में प्लास्टिक पाइप्स भस्म
देहरादून/उत्तरकाशी, 7 जनवरी 2026: उत्तरकाशी जिले में बुधवार को आग की दो बड़ी घटनाएं सामने आईं, जिनमें भारी नुकसान हुआ। मोरी तहसील के गुराड़ी गांव में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने तीन परिवारों के मकान पूरी तरह जलाकर राख कर दिए, साथ ही 14 पशु जिंदा जलकर मर गए। प्रभावित परिवारों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है, क्योंकि पशुधन उनका मुख्य सहारा था।
सुबह करीब 5:30 बजे शुरू हुई आग तेजी से फैली और गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की मदद से सुबह 7:35 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, तीनों परिवारों – रामचंद्र, भरत मणि और एक अन्य – के घरों में रखा सारा सामान जल गया। पशुओं में गाय, बैल और अन्य शामिल थे। सर्दियों में पहाड़ी इलाकों में ऐसी घटनाएं आम हैं, लेकिन इस बार नुकसान भारी रहा। जिला प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है।
इसी दिन उत्तरकाशी के भटवाड़ी क्षेत्र में जल संस्थान विभाग के स्टोर में प्लास्टिक पाइप्स में आग लग गई। फायर सर्विस टीम ने तुरंत पहुंचकर आग बुझा ली, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन स्टोर में रखे सामान को नुकसान पहुंचा। कारणों की जांच चल रही है।
ये घटनाएं सर्दियों में बिजली शॉर्ट सर्किट और सूखे मौसम की वजह से बढ़ते आग के खतरे को उजागर करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में फायर सेफ्टी उपायों को और सख्त करने की जरूरत है। प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री और आर्थिक मदद की मांग उठ रही है – क्या प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा, यह देखना बाकी है।
