राजनीति

सिख मर्यादा पर टिप्पणियों का विवाद: अकाल तख्त ने भगवंत मान को 15 जनवरी को तलब किया, AAP के लिए पंजाब में बड़ी राजनीतिक चुनौती!

सिख मर्यादा पर टिप्पणियों का विवाद: अकाल तख्त ने भगवंत मान को 15 जनवरी को तलब किया, AAP के लिए पंजाब में बड़ी राजनीतिक चुनौती!

अमृतसर/चंडीगढ़, 06 जनवरी 2026: सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जनवरी को सचिवालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने का समन जारी किया है। यह कार्रवाई सीएम के कथित सिख विरोधी बयानों और गुरु की गोलक, दसवंध तथा सिख रहित मर्यादा पर आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर की गई है, जिससे सिख भावनाएं आहत हुई हैं।

अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि भगवंत मान ने बार-बार सिख संस्थाओं का अपमान किया और अकाल तख्त की सर्वोच्चता को चुनौती दी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल कुछ पुराने वीडियो में सीएम को गुरु साहिबान और संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक हरकतें करते दिखाया गया है। जत्थेदार ने कहा कि इन वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी और अगर साबित हुए तो सख्त पंथक कार्रवाई होगी।

चूंकि भगवंत मान ‘पतित’ (केस कटवाने वाले) हैं, इसलिए उन्हें अकाल तख्त की फसील के सामने नहीं बुलाया गया, बल्कि सचिवालय में पेश होने को कहा गया है।

भगवंत मान का जवाब: सीएम ने X पर पोस्ट कर कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब जी से आया हुक्म मेरे लिए सिर-माथे पर है। मैं मुख्यमंत्री नहीं, एक विनम्र सिख की तरह नंगे पैर पेश होऊंगा।” उन्होंने 15 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अमृतसर दौरे के लिए माफी भी मांगी और कहा कि अकाल तख्त उनके लिए सर्वोच्च है।

यह मामला SGPC और AAP सरकार के बीच चल रहे टकराव का हिस्सा है, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों की जांच और बेअदबी केस शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह AAP के लिए पंजाब में बड़ी अग्निपरीक्षा है, क्योंकि सिख वोट बैंक पर असर पड़ सकता है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अकाली दल इसे मुद्दा बना सकता है।

देखना यह है कि 15 जनवरी को सीएम का स्पष्टीकरण क्या होता है और अकाल तख्त आगे क्या फैसला लेता है!

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