भारत की रक्षा क्षमता को मिला नया बढ़ावा: DRDO को BM-04 बैलिस्टिक मिसाइल के विकास की मंजूरी
भारत की रक्षा क्षमता को मिला नया बढ़ावा: DRDO को BM-04 बैलिस्टिक मिसाइल के विकास की मंजूरी
नई दिल्ली, 06 जनवरी 2026: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) को एक नई शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) BM-04 के विकास के लिए जरूरी मंजूरी मिल गई है। यह मिसाइल 400 से 1500 किलोमीटर तक की रेंज वाली होगी और पारंपरिक (कन्वेंशनल) वारहेड से लैस होगी। इसका मुख्य उद्देश्य पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट सिस्टम और अग्नि सीरीज की बैलिस्टिक मिसाइलों के बीच मौजूद ऑपरेशनल गैप को भरना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने BM-04 के लिए Acceptance of Necessity (AoN) प्रदान की है, जो विकास प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत का संकेत है। यह मिसाइल रोड-मोबाइल और कनिस्टर-लॉन्च्ड होगी, जिससे इसकी तैनाती और सर्वाइवेबिलिटी बढ़ेगी। BM-04 दो स्टेज वाली सॉलिड-फ्यूल मिसाइल है, जिसकी लंबाई करीब 10.2 मीटर और व्यास 1.2 मीटर है। इसका लॉन्च वेट लगभग 11,500 किलोग्राम बताया जा रहा है।
यह मिसाइल अग्नि-प्राइम (Agni-P) की तकनीक पर आधारित है और हाई-स्पीड, मैन्यूवरेबिलिटी तथा सटीकता पर फोकस करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि BM-04 दुश्मन के हाई-वैल्यू टारगेट्स जैसे कमांड सेंटर्स, एयरबेस और लॉजिस्टिक हब्स को न्यूक्लियर थ्रेशोल्ड क्रॉस किए बिना न्यूट्रलाइज करने में सक्षम होगी। इससे भारत की कन्वेंशनल डिटरेंस पोस्चर काफी मजबूत होगी।
BM-04 का डिजाइन फिक्स्ड-विंग कॉन्फिगरेशन वाला है, जो इसे नियंत्रित उड़ान और बेहतर एक्यूरेसी प्रदान करता है। जल्द ही इसके डेवलपमेंटल ट्रायल्स शुरू होने की उम्मीद है। यह मिसाइल प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रॉकेट फोर्स के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।
रक्षा विशेषज्ञों ने इसे भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक में एक बड़ा कदम बताया है, जो क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ सटीक और तेज जवाबी कार्रवाई की क्षमता बढ़ाएगा।
