बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार जारी: 40 वर्षीय हिंदू विधवा से बलात्कार, पेड़ से बांधकर बाल काटे; इलाके में दहशत
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार जारी: 40 वर्षीय हिंदू विधवा से बलात्कार, पेड़ से बांधकर बाल काटे; इलाके में दहशत
झेनाइदाह (बांग्लादेश), 5 जनवरी 2026: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामले में झेनाइदाह जिले में एक 40 वर्षीय हिंदू विधवा महिला के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया। इसके बाद हमलावरों ने उसे पेड़ से बांध दिया और उसके बाल काट दिए। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और हिंदू समुदाय में आक्रोश फैल गया है।
पीड़िता को गंभीर हालत में झेनाइदाह जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. मोहम्मद मुस्तफिजुर रहमान ने बताया कि महिला शुरू में घटना बताने से इनकार कर रही थी, लेकिन बाद में उसने पूरी आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मानवाधिकार संगठनों और हिंदू नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन ओइक्य परिषद के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं और दोषियों को सजा नहीं मिल रही, जिससे अपराधी बेखौफ हो गए हैं। संगठन के अनुसार, 2025 में अब तक सैकड़ों ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें मंदिरों पर हमले, घर जलाना और यौन हिंसा शामिल है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दिसंबर 2025 में भी हिंदू समुदाय पर कई हमले हुए, जिसमें माइमेंसिंह में दीपू चंद्र दास की लिंचिंग और अन्य जगहों पर आगजनी की घटनाएं शामिल हैं। अंतरिम सरकार ने इन घटनाओं को “साम्प्रदायिक नहीं” बताते हुए जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताया है और दोषियों को सजा देने की मांग की है। स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर है।
पुलिस और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है, लेकिन स्थानीय हिंदू परिवार दहशत में हैं। जांच जारी है।
