अंकिता भंडारी केस में VIP विवाद पर BJP बैकफुट पर: राज्यसभा MP नरेश बंसल के जवाबों में उलझन, कांग्रेस पर लगाए आधारहीन आरोप
अंकिता भंडारी केस में VIP विवाद पर BJP बैकफुट पर: राज्यसभा MP नरेश बंसल के जवाबों में उलझन, कांग्रेस पर लगाए आधारहीन आरोप
देहरादून: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड बीजेपी सरकार के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। उर्मिला सनावर के वीडियो से शुरू हुए ‘वीआईपी’ विवाद पर सरकार और पार्टी के नेता संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। शनिवार को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने सरकार का पक्ष रखा था, वहीं सोमवार (5 जनवरी 2026) को राज्यसभा सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की सफाई दी। लेकिन जब पत्रकारों ने ‘वीआईपी कौन हैं’ और जांच से उनका नाम गायब होने पर सवाल किए, तो बंसल ठोस उत्तर नहीं दे सके और कॉन्फ्रेंस खत्म कर चले गए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले नरेश बंसल?
बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में नरेश बंसल ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष बिना किसी आधार के मामले को उछाल रहा है और प्रदेशवासियों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा, “बीजेपी किसी भी प्रकार की जांच से पीछे नहीं हटती। तथ्य जैसे ही मिलेंगे, उस पर भी जांच होगी।”
उर्मिला सनावर के खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) पर सवाल उठने पर बंसल ने कहा, “एक महिला का पहले ही NBW हो चुका है। सुरेश राठौर के लिए भी दबिश दी जा रही है। दोनों के मिलने के बाद बयान लिए जाएंगे और जांच होगी। अगर किसी और का नाम आया, तो सरकार उसे सलाखों के पीछे भेजने में कोई कोताही नहीं बरतेगी। केवल अफवाह फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेंकना निंदनीय है। कल दिलाराम चौक पर हुई घटना भी निंदनीय है, जो राजनीति में नकारे जा चुके लोग कर रहे हैं। सरकार जांच से न भाग रही है और न पीछे हट रही है।”
लेकिन जब ‘वीआईपी’ की पहचान और अंकिता की चैट से निकले इस मुद्दे के जांच से गायब होने पर सवाल हुए, तो बंसल का जवाब अस्पष्ट रहा। उन्होंने कहा, “एसआईटी ने पूरी जांच की है, उसके बाद कोर्ट ने माना है कि किसी भी प्रकार का कोई वीआईपी नहीं है। शनिवार को एसआईटी के सदस्य ने प्रेस वार्ता कर वीआईपी का सच बताया था। एसआईटी को जांच में वीआईपी से जुड़ी कोई चीज नहीं मिली। हो सकता है कि अंकिता और पुलकित भविष्य के लिए कोई योजना बना रहे हों, उसमें उन्होंने कुछ कहा हो।”
कई और सवालों पर बंसल ने उन्हें नजरअंदाज किया और कॉन्फ्रेंस समाप्त कर दी।
वीआईपी विवाद की शुरुआत कैसे हुई? यह पूरा मामला 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा है, जहां रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। लेकिन हाल ही में खुद को बीजेपी पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें ऑडियो के जरिए एक व्यक्ति का नाम लिया गया। उर्मिला ने दावा किया कि यही वह ‘वीआईपी’ है, जिसका जिक्र अंकिता हत्याकांड में बार-बार आता है, लेकिन नाम अब तक बाहर नहीं आया।
इस खुलासे के बाद कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष और जनता सड़कों पर उतर आई। लोग CBI जांच की मांग कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि एसआईटी ने निष्पक्ष जांच की थी और दोषी साबित हो चुके हैं। लेकिन विपक्ष इसे ‘वीआईपी संरक्षण’ बता रहा है।
राजनीतिक गर्माहट बढ़ी यह विवाद उत्तराखंड की सियासत में आग की तरह फैल रहा है। कांग्रेस लगातार सरकार पर हमले कर रही है, जबकि बीजेपी इसे ‘भावनात्मक मुद्दे पर राजनीति’ करार दे रही है। सोशल मीडिया पर #JusticeForAnkita और #VIPControversy ट्रेंड कर रहे हैं, जहां लोग जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। क्या यह मामला और गहराएगा या सरकार नए खुलासे करेगी? राज्य की जनता इंतजार में है!
