उत्तराखंड

क्लाइमेटिक फैक्टर्स की चपेट में देहरादून: स्मॉग की चादर में लिपटी राजधानी, AQI ‘पुअर’ कैटेगरी में!

क्लाइमेटिक फैक्टर्स की चपेट में देहरादून: स्मॉग की चादर में लिपटी राजधानी, AQI ‘पुअर’ कैटेगरी में!

देहरादून, 4 जनवरी 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून इन दिनों क्लाइमेटिक फैक्टर्स की मार झेल रही है। सर्दियों में तापमान इनवर्जन, कम हवा की रफ्तार और घने कोहरे की वजह से प्रदूषक हवा में फंस जा रहे हैं, जिससे शहर की आबोहवा खराब हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 3 जनवरी को देहरादून का AQI 234 तक पहुंच गया, जो ‘पुअर’ कैटेगरी में आता है। अन्य सोर्स जैसे AQI.in और IQAir पर यह 178 से 195 के बीच ‘अनहेल्दी’ लेवल दिख रहा है। मुख्य प्रदूषक PM2.5 है, जो सांस की बीमारियों का बड़ा कारण बन रहा है।

क्लाइमेटिक फैक्टर्स क्यों बन रहे दुश्मन?

टेम्परेचर इनवर्जन: सर्दियों में ऊपरी हवा गर्म और नीचे की ठंडी हो जाती है, जिससे प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पाते और घाटी में फंस जाते हैं। देहरादून की वादी वाली लोकेशन इसे और खराब बनाती है।

कम हवा और घना कोहरा: हवा की स्पीड कम होने से स्मॉग नहीं छंटता। जनवरी में कोल्ड वेव और हाई ह्यूमिडिटी प्रदूषण को ट्रैप कर रही है।

अन्य कारण: वाहनों की बढ़ती संख्या, कंस्ट्रक्शन डस्ट, बायोमास बर्निंग और टूरिज्म से ट्रैफिक। दिसंबर से AQI लगातार खराब हो रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह-शाम सांस लेना मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञ चेता रहे हैं कि बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। N95 मास्क पहनें और इंडोर रहें।

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सलाह दी है कि वाहन कम इस्तेमाल करें और कचरा न जलाएं। अगर मौसम नहीं बदला तो AQI और बिगड़ सकता है। देहरादून की ‘क्लीन एयर’ इमेज अब धुंधली पड़ रही है – समय है एक्शन लेने का!

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