आधी रात को अमेरिकी डेल्टा फोर्स का धावा: जानें कैसे पकड़े गए वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी
आधी रात को अमेरिकी डेल्टा फोर्स का धावा: जानें कैसे पकड़े गए वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी
काराकास/वाशिंगटन, 3 जनवरी 2026: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में आधी रात को जोरदार धमाकों और कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की आवाजों से शहर दहल उठा। यह हमला अमेरिकी सेना की ओर से था, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सनसनीखेज दावा किया कि अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया है और उन्हें देश से बाहर उड़ा लिया गया है। यह ऑपरेशन ‘ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर’ का चरम बिंदु माना जा रहा है, जो ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रहा था।
हमले और गिरफ्तारी का तरीका:
हमला स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 2 बजे (आधी रात के बाद) शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने कम ऊंचाई पर उड़ते हेलिकॉप्टर्स और विमानों की आवाजें सुनीं, उसके बाद फुएर्ते तिउना (देश का सबसे बड़ा सैन्य आधार), ला कार्लोटा एयरबेस, हिगुएरोटे एयरपोर्ट और मिराफ्लोरेस पैलेस के आसपास जोरदार धमाके हुए।
अमेरिकी आर्मी की एलीट यूनिट डेल्टा फोर्स (जिसने 2019 में ISIS प्रमुख अबु बकर अल-बगदादी को मारा था) ने ग्राउंड ऑपरेशन किया। सूत्रों के अनुसार, स्पेशल फोर्सेस ने मिराफ्लोरेस पैलेस या फुएर्ते तिउना में मादुरो के ठिकाने पर छापा मारा।
एयरस्ट्राइक्स से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर डायवर्शन क्रिएट किया गया, जबकि डेल्टा फोर्स की टीम हेलिकॉप्टर से उतरकर सीधे मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा। दोनों को तुरंत हेलिकॉप्टर में डालकर देश से बाहर ले जाया गया।
ऑपरेशन में कोई अमेरिकी हताहत नहीं हुआ, लेकिन वेनेजुएला में सैन्य और नागरिक हताहतों की खबरें हैं (संख्या स्पष्ट नहीं)।
ट्रंप का दावा और वजह:
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा: “अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता निकोलस मादुरो के खिलाफ बड़ा हमला सफलतापूर्वक किया। मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया गया और देश से बाहर उड़ा दिया गया।”
वजह: मादुरो पर अमेरिका में ‘नार्को-टेररिज्म’ के आरोप (2020 इंडिक्टमेंट), ड्रग कार्टेल ‘कार्टेल ऑफ द सन्स’ चलाने का इल्जाम। ट्रंप प्रशासन इसे ‘नार्को-स्टेट’ मानता है।
ट्रंप मार-ए-लागो से प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया:
सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया। रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रिनो लोपेज ने इसे “साम्राज्यवादी आक्रमण” बताया और सैन्य तैनाती की।
उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा: “मादुरो और उनकी पत्नी का पता नहीं, अमेरिका से प्रूफ ऑफ लाइफ मांगते हैं।”
सरकार का आरोप: हमले का मकसद तेल और संसाधनों पर कब्जा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने हमलों की निंदा की और सीमा पर सैन्य तैनाती की।
रूस, ईरान, क्यूबा ने अमेरिकी कार्रवाई को अवैध बताया।
कुछ देशों में जश्न, वेनेजुएला में सड़कों पर लोग उत्सव मना रहे हैं।
विशेषज्ञ: यह 1989 पनामा इनवेजन (मैनुअल नोरिएगा की गिरफ्तारी) जैसा है, लैटिन अमेरिका में बड़ा संकट पैदा कर सकता है।
यह घटना ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई है। मादुरो अब अमेरिका में ट्रायल का सामना करेंगे। स्थिति तनावपूर्ण है, आगे की खबरों पर नजरें टिकी हैं।
