‘सबसे साफ शहर’ में जहर का पानी: थाने के टॉयलेट से लीकेज, दूषित सप्लाई से 10 की मौत, 1400 से ज्यादा बीमार
‘सबसे साफ शहर’ में जहर का पानी: थाने के टॉयलेट से लीकेज, दूषित सप्लाई से 10 की मौत, 1400 से ज्यादा बीमार
इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पानी ने कहर बरपाया है। भागीरथपुरा इलाके में पुलिस चौकी के पास बने टॉयलेट से सीवेज का गंदा पानी पीने की मुख्य पाइपलाइन में लीक हो गया, जिससे सप्लाई दूषित हो गई। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1400 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त और डायरिया से प्रभावित हैं। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 10 मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्वास्थ्य विभाग आधिकारिक तौर पर 4 मौतें मान रहा है। स्थानीय लोग और रिपोर्ट्स 14 तक मौतें बता रही हैं।
यह संकट मध्य दिसंबर 2025 से शुरू हुआ, जब लोगों ने टैप के पानी में बदबू, कड़वापन और रंग बदलाव की शिकायत की। लैब रिपोर्ट्स में बैक्टीरियल कंटेमिनेशन (ई. कोलाई, फीकल कॉलीफॉर्म आदि) की पुष्टि हुई है। मुख्य वजह: भागीरथपुरा पुलिस चौकी के टॉयलेट का वेस्ट पिट सीधे मुख्य वॉटर पाइपलाइन के ऊपर बना था, बिना सेप्टिक टैंक के। लीकेज से सीवेज पानी में मिल गया।
अब तक क्या हुआ?
दिसंबर मध्य: पानी की शिकायतें शुरू।
26-30 दिसंबर: पहली मौतें, मरीजों की संख्या बढ़ी।
31 दिसंबर: CM मोहन यादव का दौरा, 2 लाख मुआवजा घोषणा, अधिकारियों पर कार्रवाई।
1 जनवरी 2026: 6 महीने के बच्चे समेत मौतें, NHRC नोटिस।
2 जनवरी: मेयर ने 10 मौतें स्वीकारी, पाइपलाइन रिपेयर, टॉयलेट तोड़ा गया।
कुल प्रभावित: 1400+ बीमार, 200+ अस्पताल में (32 ICU में)।
प्रशासन ने पाइपलाइन रिपेयर कर दी है, टैंकर से पानी सप्लाई शुरू की गई। लोगों को उबालकर पानी पीने की सलाह। हाईकोर्ट ने फ्री ट्रीटमेंट और रिपोर्ट मांगी। विपक्ष ने लापरवाही का आरोप लगाया। इंदौर की ‘स्वच्छ शहर’ इमेज पर बड़ा सवाल।
