स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी का कहर: भागीरथपुरा में मौतों का आंकड़ा 14 तक पहुंचा, हजारों बीमार – लापरवाही पर सवाल!
स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी का कहर: भागीरथपुरा में मौतों का आंकड़ा 14 तक पहुंचा, हजारों बीमार – लापरवाही पर सवाल!
इंदौर, 1 जनवरी 2026: देश के सबसे स्वच्छ शहर के तमगे से नवाजे जा रहे इंदौर में नए साल की शुरुआत एक बड़ी त्रासदी से हुई है। भागीरथपुरा इलाके में नगर निगम की पाइपलाइन में सीवेज का पानी मिलने से दूषित पानी की सप्लाई हुई, जिससे डायरिया और उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला। स्थानीय लोगों और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें एक 6 महीने का मासूम बच्चा भी शामिल है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर मौतों की संख्या 4 से 10 तक बताई जा रही है – मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4, मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 7 और कुछ अधिकारियों ने 10 मौतों की पुष्टि की है। इस विरोधाभास से कवर-अप के आरोप लग रहे हैं।
जांच में पता चला कि पुलिस चौकी के पास बनी टॉयलेट के नीचे मुख्य पाइपलाइन में लीकेज था और सेफ्टी टैंक न होने से सीवेज पानी पीने के पानी में मिल गया। नर्मदा से आने वाली सप्लाई दूषित हो गई। 26 पानी के सैंपल्स में बैक्टीरियल कंटेमिनेशन की पुष्टि हुई है। करीब 1500-2800 लोग प्रभावित हुए, 150-272 अस्पताल में भर्ती, कई की हालत गंभीर।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रभावितों से अस्पताल में मुलाकात की और मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये मुआवजा, मरीजों का मुफ्त इलाज घोषित किया। एक अधिकारी बर्खास्त, दो निलंबित किए गए। तीन सदस्यीय जांच कमिटी गठित की गई। हाई कोर्ट ने नोटिस लिया और रिपोर्ट मांगी। NHRC ने भी कार्रवाई की मांग की है।
शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (जिनके विधानसभा क्षेत्र में इलाका आता है) ने लापरवाही स्वीकारी और कहा कि पाइपलाइन बदलने का काम चल रहा है। विपक्ष कांग्रेस ने इसे ‘लापरवाही का नतीजा’ बताकर जांच की मांग की। स्थानीय लोग गुस्से में हैं – कई दिनों से पानी में बदबू और गंदगी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
टैंकरों से पानी सप्लाई शुरू, क्लोरीन और ORS बांटे जा रहे हैं। लोगों को टैप का पानी उबालकर पीने या फिल्टर करने की सलाह दी गई है। इंदौर की ‘स्वच्छता’ की इमेज पर बड़ा सवाल उठा है। जांच रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन पीड़ित परिवारों का दर्द नए साल में मातम में बदल गया। अगर आप इंदौर में हैं, तो सतर्क रहें और साफ पानी ही इस्तेमाल करें!
